Sector-150 accident : युवराज मरा नहीं, सिस्टम ने मारा — चार दिन बाद निकली कार, CEO पर कार्रवाई… लेकिन DM की जिम्मेदारी तय क्यों नहीं?

Sector-150 accident : नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत अब एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और सिस्टम फेलियर का गंभीर मामला बन चुकी है। मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए 20 फीट से अधिक गहरे गड्ढे में युवराज की कार गिर गई थी। गड्ढे में बारिश और सीवर का पानी भरा था और मौके पर न तो बैरिकेड था, न चेतावनी बोर्ड और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था।

Sector-150 accident : चार दिन बाद निकली गयी युवराज की कार

चार दिन बाद मंगलवार देर शाम प्रशासन ने भारी क्रेन की मदद से युवराज की कार को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद एनडीआरएफ ने वाहन को अपने कब्जे में लिया। इस देरी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि जब चार दिन बाद कार निकाली जा सकती है, तो हादसे के दिन प्रभावी बचाव क्यों नहीं हो पाया।

परिवार का आरोप है कि युवराज करीब दो घंटे तक जिंदा था और मदद के लिए आवाज लगाता रहा, लेकिन मौके पर गोताखोर और जरूरी संसाधन नहीं थे। पुलिस और आपदा राहत एजेंसियों की मौजूदगी के बावजूद समय पर रेस्क्यू नहीं होना प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।

Sector-150 accident
Sector-150 accident : चार दिन बाद निकली गयी युवराज की कार

सरकारी कार्रवाई और अनदेखी चेतावनी

सरकार ने मामले में कार्रवाई करते हुए नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को हटा दिया, एक जूनियर अधिकारी को निलंबित किया और एक बिल्डर को गिरफ्तार किया है। वहीं यह भी सामने आया है कि सिंचाई विभाग ने वर्ष 2023 में ही इसी गड्ढे से पानी निकालने की चेतावनी दी थी, लेकिन उस पर कोई अमल नहीं हुआ।

AVS POST का मानना है कि यह मामला सिर्फ एक अधिकारी या बिल्डर तक सीमित नहीं है। यह पूरे सिस्टम की जवाबदेही का प्रश्न है।

Sector-150 accident
Sector-150 accident

AVS POST के 5 सीधे सवाल

  1. जब सिंचाई विभाग ने 2023 में ही खतरे की चेतावनी दी थी, तो नोएडा अथॉरिटी और जिला प्रशासन ने उस पर कार्रवाई क्यों नहीं की?
  2. जिस गड्ढे में हादसा हुआ, वहां बिना बैरिकेड और चेतावनी के निर्माण कार्य किसकी अनुमति से चल रहा था?
  3. रात में सूचना मिलने के बावजूद मौके पर समय पर गोताखोर और प्रभावी रेस्क्यू व्यवस्था क्यों नहीं पहुंचाई गई?
  4. अगर नोएडा अथॉरिटी के सीईओ को हटाया गया है, तो जिले की निगरानी के जिम्मेदार जिला मजिस्ट्रेट की भूमिका की जांच क्यों नहीं हो रही?
  5. क्या युवराज मेहता की मौत की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शीर्ष प्रशासनिक स्तर तक पहुंचेगी या मामला निचले अधिकारियों और बिल्डर तक ही सीमित रहेगा?

Sector-150 accident : AVS POST इन सवालों के जवाब का इंतजार करेगा, क्योंकि जवाबदेही तय किए बिना ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रुकना मुश्किल है।

Also Read This : Noida Sector 150 accident : एक युवा इंजीनियर की मौत और नोएडा प्राधिकरण की सख्त कार्रवाई

नोएडा से दीपू जैन और सत्यवीर सिंह की रिपोर्ट

Bhool bhulaiyaa 3 Teaser and Trailer सावित्रीबाई फुले(Savitribai Phule) महिलाओं को प्रगति के मार्ग पर लाने वाली एक मजबूत सोच