नींद (Sleeping) हमारे सेहत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। जिसका हमारे शरीर पर खास प्रवाह पड़ता है और हमारे शरीर को कमजोर भी करता है। नींद की बीमारी भारतीयों में बहुत ज्यादा देखी जाती है. 2020 में किए गए एक सर्वे में बताया गया कि भारतीयों में नींद की बीमारी 93 प्रतिशत थी. आमतौर पर पाए जाने वाले नींद से जुड़ी बीमारियों में शामिल हैं- इनसोमेनिया, ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया, हाइपरसोमनिया, रेस्टलेस लेग सिंड्रोम और शिफ्ट वर्क डिसऑर्डर।
एक नीयत समय पर सोए:
ऐसा नहीं होना चाहिए कि किसी दिन व्यक्ति रात 9 बजे सोए दूसरे दिन सुबह 3 बजे और अगले दिन सुबह 5 बजे. सोने का एक निश्चित समय होना चाहिए. यदि कोई व्यक्ति रोजाना आधी रात को सोता (Sleeping) है तो उसे हर दिन उसी समय सोने की कोशिश करनी चाहिए.”डॉ. ने कहा कि जब व्यक्ति एक ही समय पर सोता है और यदि हर दिन आठ घंटे की जगह सिर्फ सात घंटे की नींद भी ले पाता है, तब भी यह उसके लिए काफी है। इसलिए अपने तय समय पर ही सोये एक सोने का नियम तेयार कर ले उसी समय पर आप अपने बेड पर आ जाए।
रूम का तापमान का भी है अहम रोल:
स्लीप फाउंडेशन ने पाया कि बेडरूम का तापमान भी नींद की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है.सोने के लिए सबसे अच्छा बेडरूम का तापमान लगभग 18.3 डिग्री सेल्सियस है. यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में कुछ डिग्री से भिन्न हो सकता है, लेकिन ज्यादातर डॉक्टर सबसे आरामदायक नींद के लिए थर्मोस्टेट को 15.6 से 19.4 डिग्री सेल्सियस के बीच सेट करने की सलाह देते हैं। सोने के लिए आप अपने रूम का तापमान भी चेक कर ले जिससे सोने मे आरामदायक लगे।
अच्छी नींद(Sleeping) कैसे ले:
एक स्वस्थ व्यक्ति को कम से कम 7 घंटे की नींद की जरूरत होती है! आप चाहें किसी नींद की बीमारी से पीड़ित हों या नहीं लेकिन एक अच्छी और गहरी नींद (Sleeping) के लिए लैपटॉप, टेलीविजन और मोबाइल फोन जैसी चीजों को बेडरूम से बाहर रखें. ये चीजें अच्छी नींद में बाधा डालती हैं. इसलिए इन्हें दूर रखने की सलाह दी जाती है।