नोएडा: Noida Authority में बड़े स्तर पर प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। नए सीईओ कृष्णा करुणेश ने कार्यभार संभालते ही साफ कर दिया है कि काम में ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। पारदर्शिता, तेजी और जवाबदेही—इन तीन बिंदुओं पर फोकस करते हुए प्राधिकरण के अंदर जिम्मेदारियों का बड़ा फेरबदल किया गया है।
क्या है बड़ा बदलाव?
सूत्रों के मुताबिक, कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभाग बदल दिए गए हैं ताकि रुके हुए प्रोजेक्ट्स को रफ्तार मिल सके और जनता की शिकायतों का निपटारा तेजी से हो।
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अतुल सिंह को अब डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन और प्रोसेसिंग प्लांट की अहम जिम्मेदारी दी गई है। साफ-सफाई व्यवस्था सुधारना उनकी प्राथमिकता होगी।
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रजनीश कुमार को सर्किल-8 का नया प्रभार सौंपा गया है।
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वैभव नागर और दीपक कुमार समेत कई अधिकारियों के विभागों में बदलाव किया गया है, ताकि काम का बेहतर बंटवारा हो सके।
भवन और बिजली शाखा में भी बदलाव
भवन प्रकोष्ठ में भी नई तैनातियां हुई हैं। विनय कुमार, प्रेम चंद और प्रदीप साहू को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। माना जा रहा है कि निर्माण और नक्शा पास कराने से जुड़े मामलों में अब तेजी देखने को मिल सकती है।
वहीं, इलेक्ट्रिकल ऑडिट की जिम्मेदारी शशांक सिंह को सौंपी गई है। अशोक अरोड़ा अब विद्युत शाखा का काम देखेंगे। बिजली से जुड़े प्रोजेक्ट्स और मेंटेनेंस पर खास नजर रहेगी।
अन्य अधिकारियों को भी नई भूमिकाएं
संजीव कुमार बेदी, पवन बरनवाल, उमेश कुमार शर्मा और अजय कुमार यादव को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। यह बदलाव इस संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि सीईओ काम की गति और गुणवत्ता दोनों में सुधार चाहते हैं।
प्राधिकरण के अंदर यह साफ संदेश गया है कि अब फाइलें रुकी नहीं रहेंगी। लंबित प्रोजेक्ट्स, सड़क और सफाई से जुड़े मुद्दों पर तेज कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर ये बदलाव जमीनी स्तर पर असर दिखाते हैं तो शहर के विकास कार्यों में तेजी आएगी। नए सीईओ कृष्णा करुणेश ने साफ कर दिया है कि नोएडा में अब प्रशासनिक ‘सर्जरी’ के जरिए सिस्टम को चुस्त-दुरुस्त किया जाएगा। आने वाले दिनों में इसका असर साफ दिखाई दे सकता है।
नोएडा से दीपू जैन की रिपोर्ट
