Iran charging ships Hormuz : दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में अब ईरान ने एक नया विवादास्पद कदम उठाया है। ईरान चार्जिंग शिप्स हॉर्मुज के तहत कुछ टैंकरों से 2 मिलियन डॉलर यानी लगभग 18.7 करोड़ रुपये का टोल वसूल रहा है। ईरानी सांसद अलाउद्दीन बोरूजर्दी ने राज्य मीडिया पर इसकी पुष्टि की है।
क्या कहा ईरानी सांसद ने?
ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के सदस्य अलाउद्दीन बोरूजर्दी ने कहा,
“अब क्योंकि युद्ध की लागत होती है, इसलिए स्वाभाविक रूप से हमें यह करना चाहिए और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट फीस लेनी चाहिए। 2 मिलियन डॉलर फीस वसूलना ईरान की ताकत को दर्शाता है।”
उन्होंने इसे “नई संप्रभु व्यवस्था” (new sovereign regime) बताया और कहा कि 47 साल बाद हॉर्मुज पर ईरान का नियंत्रण अब और मजबूत हो गया है। कुछ जहाज पहले ही यह फीस चुका चुके हैं और सुरक्षित गुजर गए हैं।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज क्यों इतना महत्वपूर्ण है?
- दुनिया का 20% तेल और बड़ी मात्रा में LNG इसी जल मध्य से गुजरता है।
- सऊदी अरब, UAE, कुवैत, इराक जैसे बड़े तेल उत्पादक देशों का तेल इसी रास्ते से निकलता है।
- अगर यहां यातायात प्रभावित होता है तो ग्लोबल ऑयल प्राइस आसमान छू सकते हैं।
Iran charging ships Hormuz की यह खबर ऐसे समय आई है जब अमेरिका और इजराइल के साथ तनाव चरम पर है। ईरान ने कुछ जहाजों के लिए “सेफ शिपिंग कॉरिडोर” बनाया है, जिसमें IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर) जहाजों की जांच करता है और मंजूरी देने के बाद ही गुजरने देता है।
ईरान के दावे vs वास्तविकता
- कुछ शिपिंग कंपनियों ने रिपोर्ट किया है कि उन्होंने 2 मिलियन डॉलर (लगभग 18.7 करोड़ रुपये) का भुगतान करके अपने टैंकर सुरक्षित निकालवाए।
- हालांकि, ईरान के भारत स्थित दूतावास ने इन रिपोर्ट्स को “बेबुनियाद” बताया है और कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का बयान है, ईरानी सरकार की आधिकारिक नीति नहीं।
फिर भी, शिपिंग इंडस्ट्री और अंतरराष्ट्रीय मीडिया (फॉक्स न्यूज, ट्रT वर्ल्ड, आदि) में इसकी चर्चा जोरों पर है। कई विशेषज्ञ इसे “टेहरान टोल बूथ” का नाम दे रहे हैं।

Iran charging ships Hormuz : ग्लोबल प्रभाव क्या होगा?
- तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
- शिपिंग कंपनियां या तो ज्यादा फीस देकर गुजरेंगी या फिर लंबा रास्ता चुनेंगी, जिससे परिवहन लागत बढ़ेगी।
- भारत जैसे देशों पर भी असर पड़ सकता है क्योंकि हमारा बड़ा हिस्सा तेल इसी रास्ते से आता है।
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Iran charging ships Hormuz की यह घटना दिखाती है कि युद्ध के समय रणनीतिक जलमार्गों को हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल स्थिति फ्लूइड है और आगे क्या होता है, इस पर पूरी दुनिया की नजर है।
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