India petrol diesel stock : पिछले कुछ दिनों से वेस्ट एशिया में ईरान-इज़राइल संघर्ष और अमेरिका की बढ़ती भागीदारी के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर तनाव अपने चरम सीमा पर है। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग है, जहाँ से भारत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल गुजरता है। सोशल मीडिया और न्यूज़ पर अफवाहें फैल रही हैं — क्या पेट्रोल-डीजल की भारी कमी हो जाएगी? क्या कीमतें 100-120 रुपये/लीटर तक पहुँच जाएँगी? क्या पेट्रोल पंप बंद हो जाएंगे?
सरकार के आधिकारिक सूत्रों (The Hindu, India Today, News18, Moneycontrol आदि से 3-4 मार्च 2026 की रिपोर्ट्स) के अनुसार, भारत के पास अभी कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का स्टॉक 25 दिनों के लिए पर्याप्त है। इसी तरह रिफाइंड प्रोडक्ट्स जैसे पेट्रोल, डीजल, ATF आदि का स्टॉक भी 25 दिनों के लिए उपलब्ध है। कुल मिलाकर यह 50 दिनों (लगभग 7-8 हफ्ते) की मजबूत सुरक्षा प्रदान करता है।
सरकार ने स्पष्ट कहा है: फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने का कोई प्लान नहीं है। ग्लोबल क्रूड कीमतें बढ़ रही हैं (80-85 डॉलर/बैरल के आसपास), लेकिन भारत की तैयारी मजबूत है।

यह 25 + 25 दिन का स्टॉक क्या शामिल करता है?
यह मुख्य रूप से कमर्शियल स्टॉक है:
- रिफाइनरियों (IOCL, BPCL, HPCL आदि) में रखा क्रूड और तैयार फ्यूल।
- पोर्ट्स, पाइपलाइनों, ट्रांसपोर्टेशन में मौजूद टैंकर और गोदाम।
- ट्रांजिट में आने वाले जहाजों का स्टॉक।
यह शॉर्ट-टर्म बफर है, जो अचानक सप्लाई रुकने पर तुरंत काम आता है।
असली ताकत : स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) और कुल कवरेज
25 + 25 दिन सिर्फ कमर्शियल इन्वेंटरी का आंकड़ा है। इसमें शामिल नहीं है रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR), जो आपातकाल के लिए अलग से सुरक्षित कैवर्न्स में रखा जाता है।
- SPR कैवर्न्स: विशाखापत्तनम, मंगलौर, पदुर में कुल क्षमता ~5.33 मिलियन मीट्रिक टन।
- कमर्शियल + SPR + अन्य स्टोरेज मिलाकर कुल कवरेज 40-45 दिनों तक या इससे ज्यादा हो सकता है (Kpler डेटा के अनुसार ~100 मिलियन बैरल)।
- पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने फरवरी 2026 में संसद में बताया था कि पूरे सिस्टम (कैवर्न्स, रिफाइनरियां, पोर्ट्स, प्रोडक्ट्स) से 74 दिनों तक की जरूरत पूरी की जा सकती है।
- LPG का स्टॉक भी 25-30 दिनों का है।

India petrol diesel stock : भारत क्यों सुरक्षित स्थिति में है?
- भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा क्रूड आयातक है, लेकिन आयात सोर्स को डाइवर्सिफाई किया गया है।
- रूस अब प्रमुख सप्लायर बन चुका है (सस्ता और स्थिर सप्लाई)।
- अन्य स्रोत: अमेरिका, पश्चिम अफ्रीका, लैटिन अमेरिका।
- होर्मुज पर निर्भरता पहले से कम (~40-50%)।
- सरकार 24×7 मॉनिटरिंग कर रही है और वैकल्पिक रूट्स/सप्लायर्स पर फोकस है।
क्या कोई रिस्क है?
अगर संकट लंबा खिंचता है (महीनों तक), तो:
- ग्लोबल क्रूड कीमतें और बढ़ सकती हैं।
- इससे पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है (कुछ अनुमान: पेट्रोल 100+ रुपये/लीटर तक)। लेकिन तत्काल या शॉर्ट-टर्म संकट की कोई संभावना नहीं दिख रही। सरकार ने कहा है — घबराने की जरूरत नहीं, सप्लाई बाधित नहीं होगी।
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India petrol diesel stock 25 days : भारत के पास 25 दिन क्रूड + 25 दिन पेट्रोल-डीजल का मजबूत कमर्शियल बफर है, SPR मिलाकर कुल 74 दिन तक की सुरक्षा। ऊर्जा सुरक्षा को लगातार मजबूत किया जा रहा है। स्थिति पर नजर रखें, लेकिन पैनिक बायिंग या अफवाहों में न आएँ।
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