नोएडा। समाज में शिक्षा का उजाला फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए Feel The Change Foundation ने 6 दिसंबर 2025 को नोएडा सेक्टर-110 स्थित रवि प्रधान मार्केट परिसर में अपना नि:शुल्क विद्यालय शुरू किया। संस्था ने शुरुआत में 20 बच्चों को कॉपी, जूते, बैग, पेंसिल और गर्म कपड़े वितरित किए। लक्ष्य है कि जल्द ही इस संख्या को बढ़ाकर सौ से अधिक बच्चों को पढ़ाई के दायरे में लाया जाए। उद्घाटन समारोह में फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. विकास राज तिवारी ने पूजा-अर्चना कर स्कूल का शुभारंभ किया। सचिव जेपी मंडल ने आयोजन की तैयारियों में अहम भूमिका निभाई। नोएडा के भाजपा नेता और समाजसेवी रवि प्रधान ने विद्यालय शुरू करने में सहयोग देते हुए अपने मार्केट परिसर में स्थान मुहैया कराया। स्थानीय समाजसेवी अजित सिंह, दीपू जैन, महिला समाजसेवी किरण झा, महिला समाजसेवी गौरी, और कई अन्य लोग भी समारोह में शामिल रहे। गौतमबुद्ध नगर के डीआईओएस राजेश सिंह उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने फ़ाउंडेशन की इस पहल की प्रशंसा की।
फ़ाउंडेशन की यात्रा और सामाजिक प्रभाव
फ़ील द चेंज फ़ाउंडेशन की शुरुआत वर्ष 2015 में हुई थी। स्थापना के बाद से यह संस्था देश के कई राज्यों में सक्रिय रूप से शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और कल्याण के काम कर रही है। दिल्ली में वंचित बच्चों की शिक्षा को लेकर संस्था ने कई सफल मॉडल लागू किए, जिनकी सराहना सरकारी और निजी स्तर पर हुई। फ़ाउंडेशन का “फ़ील हैप्पी कैंपेन” देशभर में चल रहा है, जिसमें कई राजनेता, बुद्धिजीवी, समाजसेवी और सेवानिवृत्त नौकरशाह शामिल होकर जागरूकता अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं।

Table of Contents
Toggleडॉ. विकास राज तिवारी—पत्रकारिता से समाज सेवा तक
फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. विकास राज तिवारी देश के नामचीन पत्रकारों में गिने जाते हैं। डिजिटल मीडिया इनोवेशन के क्षेत्र में उनका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम रहा है और उन्होंने दुनिया के पाँच देशों में भारत की ओर से मीडिया मंचों पर प्रतिनिधित्व किया है। कई प्रतिष्ठित पत्रकार संगठनों से जुड़े रहने के साथ-साथ वे सामाजिक मामलों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके नेतृत्व में संस्था तेजी से बढ़ी और हजारों लोगों तक मदद पहुँची।
शाम की कक्षाएँ—मजदूर बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था
संस्था ने उन बच्चों के लिए विशेष शाम की कक्षाएँ शुरू की हैं जो दिनभर मजदूरी या कामकाज में व्यस्त रहते हैं और नियमित स्कूल नहीं जा पाते।
इन कक्षाओं में बच्चों को पढ़ाई के लिए ज़रूरी सारी सामग्री—किताबें, कॉपियाँ, पेन-पेंसिल, बैग और अन्य अध्ययन सामग्री—पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही बच्चों को छात्रवृत्ति, सरकारी योजनाएँ, स्किल ट्रेनिंग, करियर मार्गदर्शन और बुनियादी डिजिटल शिक्षा जैसी सुविधाओं से भी जोड़ा जाएगा ताकि उनका भविष्य सुरक्षित और मजबूत बन सके।
मज़दूरों के अधिकारों के लिए बड़ा अभियान
फ़ाउंडेशन ने शिक्षा के अलावा मजदूरों के अधिकारों की लड़ाई में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब तक संस्था की मदद से करीब 5000 मजदूरों के मजदूर कार्ड बन चुके हैं, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं और आर्थिक सहायता का सीधा लाभ मिला है। संस्था नियमित रूप से जागरूकता शिविर लगाकर मजदूर परिवारों को उनके अधिकारों की जानकारी भी देती है।
स्थानीय समर्थन और आगे की दिशा
स्थानीय निवासियों और समाजसेवियों ने इस विद्यालय को क्षेत्र में सामाजिक परिवर्तन की दिशा में बड़ा कदम बताया है। आने वाले समय में फ़ाउंडेशन—
स्किल डेवलपमेंट,
डिजिटल लर्निंग,
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण कार्यक्रम,
करियर काउंसलिंग,
और स्वास्थ्य जागरूकता अभियान
जैसी गतिविधियाँ शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
डॉ. विकास राज तिवारी का संदेश
डॉ. तिवारी ने कहा,
“हमारा संकल्प है कि कोई भी बच्चा गरीबी, अभाव या परिस्थितियों की वजह से शिक्षा से वंचित न रहे। यही असली बदलाव है और यही हमारे अभियान का उद्देश्य है।” फ़ील द चेंज फ़ाउंडेशन का यह प्रयास उन परिवारों के लिए नई रोशनी लेकर आया है जो अपने बच्चों की पढ़ाई का सपना देखते तो हैं, लेकिन संसाधनों की कमी उन्हें रोक देती है। यह विद्यालय उन बच्चों के भविष्य में एक मजबूत उम्मीद की तरह उभर रहा है।
