इसी संदेश के साथ राजधानी दिल्ली में National Injury Prevention Week 2026 के तहत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। 1 से 7 सितंबर तक चल रहे इस अभियान में डॉक्टरों, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी से जूझ रहे लोगों, व्हीलचेयर यूजर्स, केयरगिवर्स, छात्रों और स्वयंसेवकों को जोड़ा गया है।
अभियान का आयोजन Directorate General of Health Services (DGHS), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में किया जा रहा है। इसके तहत देशभर की 22 राष्ट्रीय स्पाइन केयर सोसायटी भी जागरूकता गतिविधियों में शामिल हैं।
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Toggleडॉ. हरविंदर सिंह छाबड़ा ने बताया- रोकथाम पर सबसे ज्यादा जोर जरूरी
श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट के Spine and Rehabilitation Centre के Chief और Spinal Cord Society के President डॉ. हरविंदर सिंह छाबड़ा ने कहा कि कई तरह की चोटों, खासकर स्पाइनल कॉर्ड इंजरी को काफी हद तक रोका जा सकता है।
उन्होंने कहा कि अगर चोट हो भी जाए तो समय पर मेडिकल केयर, व्यापक रिहैबिलिटेशन और लगातार सामाजिक सहयोग के जरिए व्यक्ति अपनी जिंदगी को दोबारा बेहतर तरीके से आगे बढ़ा सकता है।
डॉ. छाबड़ा के मुताबिक, स्पाइनल कॉर्ड इंजरी डे का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि ऐसी चोटों से बचाव संभव है और चोट लगने के बाद भी सही इलाज और पुनर्वास के साथ व्यक्ति एक खुशहाल, सार्थक और आत्मनिर्भर जीवन जी सकता है।
उन्होंने स्पाइनल कॉर्ड इंजरी से जूझ रहे लोगों के साहस और जज्बे को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था और समाज की जिम्मेदारी है कि ऐसे लोगों को सम्मान, स्वतंत्रता और अपनी क्षमता के मुताबिक जीवन जीने का अवसर मिले।

5 सितंबर को निकलेगी व्हीलचेयर रैली
अभियान के तहत 5 सितंबर को दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में व्हीलचेयर रैली निकाली जाएगी।
रैली श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से सुबह 10:30 बजे शुरू होकर सेंट स्टीफंस कॉलेज तक जाएगी। आयोजकों के मुताबिक इसमें करीब 350 लोग शामिल होंगे। इनमें लगभग 100 व्हीलचेयर यूजर्स और 250 अन्य प्रतिभागी होंगे।
रैली के जरिए लोगों को समावेश, समानता, बेहतर पहुंच और चोटों से बचाव का संदेश दिया जाएगा।
6 सितंबर को खेलेंगे व्हीलचेयर यूजर्स, होगा हेल्थ चेकअप
National Injury Prevention Week के तहत 6 सितंबर को NCDC Auditorium में बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें 500 से ज्यादा लोग, जिनमें 100 से अधिक व्हीलचेयर यूजर्स शामिल होंगे।
सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक Inclusive Health Check-up Camp लगाया जाएगा। इसमें व्हीलचेयर यूजर्स और दूसरे प्रतिभागियों की स्वास्थ्य जांच और जरूरी परामर्श किया जाएगा।
इसके बाद दोपहर 2 बजे से 3:30 बजे तक व्हीलचेयर स्पोर्ट्स होंगे। इनमें:
- व्हीलचेयर टेबल टेनिस
- Boccia
- व्हीलचेयर रेसिंग
- व्हीलचेयर हर्डल्स
जैसी प्रतियोगिताएं शामिल रहेंगी।
खेल के बाद दिखेगा हुनर, होगा सांस्कृतिक कार्यक्रम
शाम 3:30 बजे से 5:30 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें व्हीलचेयर डांस परफॉर्मेंस के साथ प्रोफेशनल व्हीलचेयर स्टंट भी दिखाए जाएंगे।
आयोजकों का कहना है कि इन कार्यक्रमों का मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि यह दिखाना भी है कि व्हीलचेयर का इस्तेमाल करने वाले लोग खेल, कला और सामाजिक गतिविधियों में पूरी तरह भाग ले सकते हैं।
कार्यक्रम को ऑनलाइन भी लाइव स्ट्रीम किया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़ सकें।
सीट बेल्ट नहीं लगाने से 2021 में 16,397 मौतें
अभियान में सड़क सुरक्षा को भी खास महत्व दिया गया है। Ministry of Road Transport and Highways (MoRTH) के आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में सीट बेल्ट नहीं लगाने की वजह से सड़क हादसों में 16,397 लोगों की मौत हुई थी। इनमें 8,438 ड्राइवर और 7,959 यात्री शामिल थे।
ये आंकड़े बताते हैं कि सड़क पर छोटी-सी सावधानी भी जिंदगी बचाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है। सीट बेल्ट लगाना और ट्रैफिक नियमों का पालन करना चोटों को रोकने की दिशा में सबसे आसान कदमों में से एक है।
1 सितंबर से चल रहे जागरूकता कार्यक्रम
National Injury Prevention Week की शुरुआत 1 सितंबर को ऑनलाइन पोस्टर और स्लोगन प्रतियोगिता से हुई। पोस्टर प्रतियोगिता का विषय “Prevention of Spinal Cord Injuries”, जबकि स्लोगन प्रतियोगिता का विषय “Yes, We Can” रखा गया।
2 सितंबर को श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट की Spine Team ने नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को चोटों से बचाव और स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के बारे में जागरूक किया।
3 सितंबर को स्पाइनल कॉर्ड इंजरी जागरूकता से जुड़े व्याख्यान, इनक्लूसिव डांस परफॉर्मेंस, नुक्कड़ नाटक और व्हीलचेयर गतिविधियां आयोजित की गईं। शाम को ऑनलाइन पैनल डिस्कशन में स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के बाद मेडिकल केयर, रिहैबिलिटेशन, मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक भागीदारी और जीवन की गुणवत्ता पर चर्चा हुई।
4 सितंबर को “The Power of the Mind” विषय पर वेबिनार रखा गया, जिसमें चोट के बाद मानसिक मजबूती, रिकवरी और परिस्थितियों के साथ खुद को ढालने जैसे पहलुओं पर चर्चा की जा रही है।
7 सितंबर को अभियान का समापन
सप्ताहभर चलने वाला यह अभियान 7 सितंबर को इंजरी प्रिवेंशन पर केंद्रित वेबिनार के साथ समाप्त होगा।
पूरे अभियान का मुख्य संदेश साफ है—चोटों को रोकना सबसे बेहतर उपाय है, लेकिन अगर चोट हो जाए तो समय पर इलाज, सही रिहैबिलिटेशन और लगातार सहयोग किसी की जिंदगी को फिर से पटरी पर ला सकता है। National Injury Prevention Week 2026 के जरिए आयोजक मेडिकल इलाज से आगे बढ़कर सम्मान, आत्मनिर्भरता, समान अवसर और सामाजिक भागीदारी पर जोर दे रहे हैं, ताकि स्पाइनल कॉर्ड इंजरी के साथ जी रहे लोग समाज में अपनी जिंदगी पूरी गरिमा के साथ जी सकें।
