नई दिल्ली/लखनऊ, 23 अगस्त 2026। Yogi Adityanath Mid Day Meal Announcement: उत्तर प्रदेश की करीब 3.53 लाख मिड डे मील रसोइया बहनों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रसोइयों के मानदेय में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी समेत कई महत्वपूर्ण सुविधाओं की घोषणा की है।
इस फैसले पर अखिल भारतीय मिड डे मील कर्मचारी महासंघ, नई दिल्ली (भारतीय मजदूर संघ-BMS) के अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह बी. चूड़ासमा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश सरकार का आभार जताया है।
राजेन्द्रसिंह बी. चूड़ासमा ने कहा कि मिड डे मील रसोइया कर्मचारी लंबे समय से अपने मानदेय, स्वास्थ्य सुरक्षा और दुर्घटना सहायता जैसी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे थे। भारतीय मजदूर संघ के देशव्यापी आह्वान पर 17 अगस्त 2026 को देशभर में जिला कलेक्टरों के माध्यम से मांग-पत्र सौंपे गए थे। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने रसोइया कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर तेजी से फैसला लिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से की गई घोषणाओं के अनुसार, रसोइयों के मानदेय में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। साथ ही कार्य के दौरान दुर्घटना होने पर रसोइया के परिवार को 2 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी।
इसके अलावा रसोइया और उनके परिवार के लिए 5 लाख रुपये तक की वार्षिक चिकित्सा सुविधा देने की भी व्यवस्था की गई है। सरकार ने रसोइया बहनों को हर साल साड़ी के लिए 1,000 रुपये देने और काम के दौरान स्वच्छता व सुरक्षा के लिए दो जोड़ी एप्रन और कैप उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया है।
अखिल भारतीय मिड डे मील कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष राजेन्द्रसिंह बी. चूड़ासमा ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला सिर्फ आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के लिए रोज भोजन बनाने वाली लाखों महिलाओं के सम्मान से भी जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने जिस तरह रसोइया कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए फैसला किया है, उससे देश के दूसरे राज्यों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। महासंघ ने अन्य राज्य सरकारों से भी मिड डे मील कर्मचारियों की लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला लेने की अपील की है।
महासंघ के महामंत्री लीला नगपूरे और आदर्श रसोइया संघ, उत्तर प्रदेश की ओर से भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश सरकार का आभार जताया गया है।
महासंघ का कहना है कि बच्चों के लिए भोजन बनाने वाले हाथों का सम्मान करना ही सच्चे अर्थों में श्रम का सम्मान है।
