Twisha Sharma Case ने एक बार फिर देश का ध्यान खींच लिया है। भोपाल पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मृतका की पति समर्थ सिंह पर ₹10,000 का इनाम घोषित कर दिया है। समर्थ सिंह फिलहाल फरार चल रहा है और पुलिस उसकी तलाश में तेजी से छापेमारी कर रही है।
Twisha Sharma Case की पूरी कहानी
नोएडा की रहने वाली 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा, जो पूर्व मिस पुणे फाइनलिस्ट रह चुकी थीं, 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गईं। शादी को महज पांच महीने ही हुए थे। ट्विशा और समर्थ सिंह की मुलाकात डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी।
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परिवार का आरोप है कि ट्विशा को दहेज के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। मृत्यु से पहले ट्विशा ने परिवार को संदेश भेजकर बताया था कि वह “फंस गई है” और दबाव में है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गले में फांसी के निशान के साथ-साथ शरीर पर कई चोटों के भी निशान मिले हैं। परिवार इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या का मामला मान रहा है।
Twisha Sharma Case में पुलिस की नई कार्रवाई
भोपाल पुलिस ने Twisha Sharma Case को गंभीरता से लेते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
- समर्थ सिंह पर ₹10,000 का इनाम घोषित किया गया है।
- उसके पासपोर्ट को रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है ताकि वह देश छोड़कर भाग न सके।
- कोर्ट ने समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
- मामले की जांच SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) कर रही है।
- दहेज हत्या और क्रूरता से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
ट्विशा की मां और अन्य परिजनों ने लगातार प्रदर्शन किए हैं। दिल्ली सहित कई जगहों पर इस मामले को लेकर आक्रोश देखा जा रहा है। लोग सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं क्योंकि समर्थ सिंह की मां एक रिटायर्ड जज हैं और परिवार पर प्रभावशाली कनेक्शन्स होने के आरोप लग रहे हैं।

सवाल जो जांच एजेंसियों को जवाब देने होंगे
- ट्विशा अकेले टेरेस पर क्यों गईं?
- लिगेचर (बेल्ट) और घटनास्थल पर सबूतों को लेकर उठ रहे सवाल
- परिवार वालों को समय पर सूचना क्यों नहीं दी गई?
- क्या यह दबाव में आत्महत्या थी या हत्या?
Twisha Sharma Case महिलाओं की सुरक्षा, दहेज प्रथा और मैट्रिमोनियल ऐप्स के जरिए होने वाली शादियों में सतर्कता की जरूरत को फिर याद दिलाता है।
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यह मामला सिर्फ एक व्यक्तिगत घटना नहीं है, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है। जब तक दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं। हम उम्मीद करते हैं कि भोपाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कर जल्द से जल्द समर्थ सिंह को गिरफ्तार कर न्याय सुनिश्चित करेंगे।
