महाराष्ट्र (Maharashtra) सरकार ने बीजेपी(BJP) के विरोध के कारण वक्फ बोर्ड के लिए 10 करोड़ रुपये के फंड ट्रांसफर प्रस्ताव को वापस लिया

बीजेपी(BJP) ने महाराष्ट्र(Maharashtra)  सरकार के वक्फ बोर्ड को 10 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने के प्रस्ताव का विरोध किया-

मुंबई, 30 नवम्बर 2024: महाराष्ट्र(Maharashtra)  वक्फ बोर्ड को मजबूत करने के लिए 10 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने का सरकारी प्रस्ताव बीजेपी(BJP) के विरोध के बाद वापस ले लिया गया। बीजेपी(BJP), जिसने हाल ही में राज्य विधानसभा चुनावों में बंपर जीत हासिल की है, ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि यह प्रशासनिक स्तर पर बिना संविधानिक समर्थन के लिया गया था, क्योंकि वक्फ बोर्ड का संविधान में कोई उल्लेख नहीं है।

अधिकारियों ने सरकार से बिना अनुमति के 20 करोड़ रुपये बांटने की कोशिश की

वापस लिया गया प्रस्ताव में वक्फ बोर्ड के लिए 2024-25 वित्तीय वर्ष के लिए 20 करोड़ रुपये की मंजूरी का जिक्र था। इसमें से 2 करोड़ रुपये पहले ही बोर्ड को ट्रांसफर किए जा चुके थे। विशेषज्ञों का अनुमान है कि ये फंड्स पहले ही खर्च हो चुके होंगे। बीजेपी नेताओं ने सवाल उठाया कि इतने बड़े फंड्स का वितरण बिना राज्य सरकार की आधिकारिक स्वीकृति के कैसे किया जा सकता है।

वक्फ बोर्ड को फंड्स खर्च करने में सावधानी बरतने की सलाह

प्रस्ताव वापस लिए जाने के साथ-साथ अधिकारियों ने वक्फ बोर्ड को सलाह दी है कि वह प्राप्त फंड्स को सावधानी से खर्च करें और अनियंत्रित तरीके से खर्च करने से बचें। वक्फ बोर्ड के प्रमुख को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि फंड्स का उपयोग वित्तीय दिशानिर्देशों के तहत किया जाए, न कि लापरवाही से वितरित किया जाए।

महाराष्ट्र(Maharashtra) 
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महाराष्ट्र(Maharashtra)  बीजेपी(BJP) ने वक्फ फंड वितरण पर ‘फर्जी खबरें’ का खंडन किया

महाराष्ट्र(Maharashtra)  बीजेपी(BJP) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर वक्फ फंड के दुरुपयोग की अफवाहों का खंडन करते हुए उन्हें “फर्जी खबरें” करार दिया। पार्टी ने सरकारी खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

महाराष्ट्र(Maharashtra)  वक्फ बोर्ड फंडिंग पर बीजेपी(BJP) का रुख महत्वपूर्ण

यह घटनाक्रम बीजेपी(BJP) के उस रुख को उजागर करता है जिसमें वह सरकारी वित्तीय निर्णयों को लेकर विशेष रूप से धार्मिक और सामुदायिक बोर्डों जैसे वक्फ बोर्ड के मामले में कानूनी और संविधानिक प्रक्रियाओं का पालन करने की जरूरत पर जोर देती है। पार्टी का विरोध यह याद दिलाता है कि महाराष्ट्र में सभी सरकारी वित्तीय पहलुओं में सही प्रक्रिया का पालन करना महत्वपूर्ण है।

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