India doubles 5-kg LPG cylinder quota — केंद्र सरकार के इस बड़े फैसले से देश के लाखों प्रवासी मजदूरों और कमजोर वर्गों को राहत मिली है।
6 अप्रैल 2026 को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश जारी कर 5 किलो फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलिंडर (जिन्हें छोटू सिलिंडर भी कहा जाता है) का दैनिक कोटा दोगुना कर दिया है। यह कदम मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में चल रहे तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के कारण LPG आपूर्ति में आई बाधाओं को देखते हुए उठाया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला? (India Doubles 5-kg LPG Cylinder Quota)
भारत दुनिया के सबसे बड़े LPG आयातकों में से एक है। हाल ही में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के कारण LPG की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इससे कई शहरों में 5 किलो वाले सिलिंडरों की कमी हो गई और कालाबाजारी शुरू हो गई। कुछ जगहों पर इन सिलिंडरों की कीमतें बहुत बढ़ गईं, जिससे प्रवासी मजदूरों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई।

इसी समस्या को हल करने के लिए सरकार ने India doubles 5-kg LPG cylinder quota का फैसला लिया। अब राज्यों को मार्च 2026 (2-3 मार्च) के औसत दैनिक वितरण से दोगुनी मात्रा में 5 किलो सिलिंडर मिलेंगे। इससे पहले मार्च में 20% बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन अब और मजबूत कदम उठाया गया है।
इस फैसले से कौन-कौन लाभान्वित होगा?
यह योजना खासतौर पर प्रवासी मजदूरों, दिहाड़ी मजदूरों, छात्रों और बिना स्थायी पते वाले लोगों के लिए बनाई गई है।
मुख्य फायदे:
- बिना पता प्रमाण के खरीद सकते हैं: सामान्य घरेलू गैस कनेक्शन के लिए पता प्रमाण जरूरी होता है, लेकिन 5 किलो FTL सिलिंडर सिर्फ वैध पहचान पत्र (आधार, वोटर आईडी आदि) दिखाकर खरीदा जा सकता है।
- केवल प्रवासी मजदूरों के लिए रिजर्व: राज्य सरकारों के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के माध्यम से इन सिलिंडरों का वितरण होगा।
- कालाबाजारी पर लगाम: कोटा दोगुना होने से बाजार में उपलब्धता बढ़ेगी और ब्लैक मार्केटिंग कम होगी।
- शहरों में राहत: दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, गुरुग्राम, पुणे आदि बड़े शहरों में काम करने वाले मजदूरों को खाना पकाने की गैस आसानी से मिल सकेगी।
5 किलो LPG सिलिंडर की खास बातें
- ये मार्केट रेट (नॉन-सब्सिडाइज्ड) पर उपलब्ध होते हैं।
- प्रवासियों के लिए बेहद उपयोगी, क्योंकि वे अक्सर किराए के कमरे या अस्थायी जगह पर रहते हैं।
- स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर — लकड़ी या कोयले के बजाय साफ ईंधन मिलेगा।
- तेल कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) राज्य सरकारों के साथ मिलकर वितरण सुनिश्चित करेंगी।

सरकार का संदेश और आगे की योजना
पेट्रोलियम मंत्रालय ने सभी राज्यों से कहा है कि वे तेल विपणन कंपनियों के साथ समन्वय बनाकर बढ़े हुए कोटे का कुशल और पारदर्शी वितरण करें। सरकार का फोकस घरेलू उपभोक्ताओं, खासकर कमजोर वर्गों को प्राथमिकता देने पर है।
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India doubles 5-kg LPG cylinder quota का यह फैसला न सिर्फ तत्काल LPG संकट को कम करेगा, बल्कि प्रवासी मजदूरों की मुश्किलों को समझते हुए सरकार की संवेदनशीलता को भी दिखाता है। देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले इन मजदूरों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना बहुत जरूरी है।
उम्मीद है कि सभी राज्य सरकारें इस योजना को तेजी से लागू करेंगी और कोई भी मजदूर ईंधन की कमी से परेशान नहीं होगा।
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