BIHAR POLICE: बिहार पुलिस में कुछ अधिकारी ऐसे होते हैं जिनका नाम सुनते ही अपराधियों में खौफ और आम जनता में भरोसा पैदा हो जाता है। बगहा पुलिस जिले की कमान संभाल रहीं आईपीएस अधिकारी निर्मला कुमारी भी ऐसे ही अधिकारियों में शामिल हैं। प्रभारी एसपी के रूप में पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने अपनी कार्यशैली से यह साबित कर दिया है कि वे कानून के प्रति जितनी सख्त हैं, उतनी ही संवेदनशील भी।
डिजिटल पुलिसिंग का दम, अपराधियों में खौफ कायम
निर्मला कुमारी के नेतृत्व में बगहा पुलिस का डिजिटल रूप भी काफी मजबूत हुआ है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पुलिस न केवल जनता से सीधा संवाद स्थापित कर रही है, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ा रही है। नियमित रूप से आयोजित जनता दरबार में एसपी स्वयं लोगों की शिकायतें सुनती हैं और उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश देती हैं। इन कार्रवाइयों की जानकारी भी तुरंत सार्वजनिक की जाती है, जिससे लोगों का भरोसा और मजबूत हो रहा है।
हर वार सटीक: अपराधियों पर कड़ी नजर, तुरंत कार्रवाई
जिले में होने वाली छापेमारी और बड़ी कार्रवाइयों की जानकारी अब तुरंत साझा की जाती है। हाल ही में जमीन विवाद से जुड़े एक हत्याकांड में एसआईटी द्वारा छह आरोपियों की गिरफ्तारी इसका उदाहरण है। इस तरह की त्वरित कार्रवाई और उसकी पारदर्शी जानकारी से अपराधियों में डर और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना बनी हुई है।
जागरूकता भी, सख्ती भी: हर मोर्चे पर सक्रिय पुलिस
बगहा पुलिस द्वारा यातायात नियमों, साइबर अपराध और नशा मुक्ति को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। पोस्टर और वीडियो के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है, जो सोशल मीडिया पर भी तेजी से प्रसारित हो रहे हैं।
आधी रात की दस्तक: थानों में मचा हड़कंप
निर्मला कुमारी की कार्यशैली का एक अहम पहलू उनकी जमीनी सक्रियता है। उन्होंने पदभार संभालने के तुरंत बाद आधी रात को सादे लिबास में निजी वाहन से कई थानों का औचक निरीक्षण किया। अचानक निरीक्षण से पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। लापरवाही बरतने वालों को कड़ी फटकार लगाई गई, जबकि मुस्तैद जवानों की सराहना की गई। इस सख्त रवैये से पूरे पुलिस महकमे में अनुशासन और सजगता बढ़ी है।
‘स्कूल गोद’ पहल: पुलिस की नई सख्त-संवेदनशील छवि
निर्मला कुमारी की एक सराहनीय पहल ‘स्कूल गोद लेना’ भी है। इस योजना के तहत जिले के 22 थानों के प्रभारी एक-एक सरकारी स्कूल को गोद लेंगे। स्वयं एसपी ने कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय, परसा को गोद लेकर इसकी शुरुआत की है। पुलिस अधिकारी इन स्कूलों में मेंटर की भूमिका निभाते हुए बच्चों को सुरक्षा, अनुशासन और आत्मरक्षा के गुर सिखाएंगे, जिससे पुलिस के प्रति उनका नजरिया सकारात्मक बने।
वर्दी में सख्ती, व्यक्तित्व में रचनात्मकता
वर्दी के पीछे निर्मला कुमारी का एक रचनात्मक पक्ष भी है। वे एक कुशल गायिका और चित्रकार के रूप में भी जानी जाती हैं। यही संवेदनशीलता उनके प्रशासनिक निर्णयों में भी झलकती है, जो उन्हें एक अलग पहचान देती है। आज बगहा पुलिस जिले की जनता खुद को अधिक सुरक्षित महसूस कर रही है, क्योंकि जिले की सुरक्षा एक ऐसी अधिकारी के हाथों में है जो अपराधियों के लिए सख्त और आम लोगों के लिए भरोसे की ढाल बनकर सामने आई हैं।




