Ayodhya Ram Navami : रामनवमी पर अयोध्या में रामलला का दिव्य सूर्य तिलक

Ayodhya Ram Navami -दोपहर ठीक 12 बजे सूर्य की स्वर्णिम किरणें चार मिनट तक रामलला के ललाट पर रहीं विराजमान

-दो दिन में 35 लाख श्रद्धालु पहुंचे रामनगरी, चौतरफा गूंज रहा जय श्रीराम

-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश व प्रदेशवासियों को दी रामनवमी की शुभकामनाएं

 

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Ayodhya Ram Navami : अयोध्या,27 मार्च पावन नगरी अयोध्या शुक्रवार को रामनवमी के अवसर पर भक्ति, उल्लास और भव्यता से सराबोर रही। रामलला के जन्म के साथ ही चारों ओर “भए प्रगट कृपाला, दीन दयाला” की गूंज सुनाई देने लगी। राम नाम का यह नाद केवल कानों को ही नहीं, बल्कि हर भक्त के हृदय को आनंदित कर रहा था। इसी बीच रामलला का सूर्य तिलक करने का दैवीय संयोग हुआ। प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव पर राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला को सूर्य की किरणों से दिव्य ‘सूर्य तिलक’ लगाया गया। दोपहर ठीक 12 बजे सूर्य की स्वर्णिम किरणें वैज्ञानिक व्यवस्था के माध्यम से गर्भगृह में प्रवेश कर रामलला के मस्तक पर चार मिनट तक विराजमान रहीं। यह दृश्य आस्था और आधुनिक विज्ञान के अद्भुत मिलन का प्रतीक बना। लाखों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल को प्रत्यक्ष देखने या लाइव प्रसारण के माध्यम से निहारने के लिए रामनगरी पहुंचे। हर तरफ जय जय सियाराम, जय श्री राम के जयकारे गूंजते रहे। यह सूर्य तिलक रामलला के प्रति ईश्वरीय कृपा का प्रतीक बना। भक्तों का मानना है कि यह दृश्य आने वाली पीढ़ियों को भी प्रभु राम के प्रति अटूट आस्था का संदेश देगा। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रभु श्रीराम के जन्म पर देश व प्रदेश वासियों को शुभकामनाएं दीं और सोशल मीडिया पर भावपूर्ण संदेश साझा किया।

रामनवमी पर राम जन्मभूमि मंदिर को फूलों, रोशनी और रंग-बिरंगी लड़ियों से सजाया गया था। सुबह से ही मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और आरती का सिलसिला चल रहा था। रामलला का अभिषेक किया गया। दोपहर 12 बजे प्रकट उत्सव के बाद सूर्य तिलक का मुख्य कार्यक्रम हुआ।

Ayodhya Ram Navami : ठीक 12 बजे पूरी हुई परंपरा

बेंगलुरु के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित इस प्रणाली में सूर्य की किरणों को सटीक रूप से निर्देशित किया जाता है, ताकि ठीक दोपहर 12 बजे रामलला के दिव्य भाल पर स्वर्णिम तिलक अंकित हो सके। यह परंपरा हर वर्ष रामनवमी पर दोहराई जाती है और यह भारत की प्राचीन ज्योतिषीय एवं वास्तु विद्या के साथ आधुनिक ऑप्टिकल साइंस का संगम दर्शाती है।

Ayodhya Ram Navami
Ayodhya Ram Navami

पंजीरी व लड्डू का प्रसाद वितरित

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। अनुमान है कि पूरे दिन लाखों भक्त रामलला के दर्शन के लिए पहुंचे। राम पथ, सरयू घाट और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों का सैलाब दिखाई दिया।जगह-जगह भंडारे लगाए गए, जहां मथुरा से आई लगभग 5 क्विंटल पंजीरी और लड्डू प्रसाद के रूप में वितरित किए गए।

भगवान को 56 भोग अर्पित, मंदिरों में हुआ कीर्तन

रामलला को 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए। दशरथ महल, कनक भवन, हनुमान गढ़ी सहित अयोध्या के हजारों मंदिरों में भी राम जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। करीब 8,000 मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, कीर्तन और सत्संग का आयोजन हुआ।

चाक चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था

उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही। अयोध्या को कई जोनों और सेक्टरों में बांटा गया। ट्रैफिक प्लान लागू किया गया, ड्रोन निगरानी, एंटी-ड्रोन सिस्टम और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। भीड़ प्रबंधन के लिए होल्डिंग एरिया, बैरियर और शटल सेवाएं व्यवस्थित की गईं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इंटेलिजेंस एजेंसियां सतर्क रहीं। परिणामस्वरूप उत्सवपूर्ण शांति और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ।

सूर्य तिलक आस्था, आत्मगौरव और अध्यात्म का आलोक : सीएम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर भावपूर्ण संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, “सूर्यवंश शिरोमणि प्रभु श्री रामलला के दिव्य भाल पर विराजित यह स्वर्णिम ‘सूर्य तिलक’ आस्था, आत्मगौरव और अध्यात्म का आलोक है। यह तिलक सनातन संस्कृति की शाश्वत चेतना को जागृत करता हुआ, भारत के जन-जन के हृदय में श्रद्धा, शक्ति और स्वाभिमान का संकल्प-सूर्य प्रज्ज्वलित कर रहा है। यह भारत को उसकी मूल आत्मा से पुनः जोड़ रहा है। प्रभु श्री राम के दिव्य ‘सूर्य तिलक’ का आलोक ‘विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्पों को दिशा दे रहा है। क्योंकि जहां राम हैं, वहीं राह है, और वहीं भारत उजास बनकर जगमगाता है। जय जय श्री राम।”

Ayodhya Ram Navami : Ram mandir
Ayodhya Ram Navami : Ram mandir

बोले श्रद्धालु, सूर्य तिलक से पूरा विश्व प्रकाशित

Ayodhya Ram Navami : प्रयागराज से आई महिला श्रद्धालु आस्था ने बताया कि यह सूर्य तिलक न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह इस बात का प्रतीक भी है कि प्रभु राम की ज्योति सूर्य की तरह समस्त विश्व को प्रकाशित करती है। बस्ती से परिवार के साथ दर्शन करने आए संजीव बताते हैं कि रामलला के इस दिव्य दर्शन ने करोड़ों हिंदू हृदयों में नई ऊर्जा और एकता का संचार किया। वहीं देश-विदेश से आए श्रद्धालु इस पल को जीवन की सबसे यादगार घटना मान रहे हैं। स्थानीय निवासी कविता ने कहा कि अयोध्या में रामनवमी का यह उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बन गया है। भव्य राम मंदिर, सरयू नदी की पावनता और राम भक्ति की लहरें पूरे वातावरण को दिव्य बना रही हैं। वहीं शाम तक भजन-कीर्तन, रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी रहे।

Ayodhya Ram Navami : रामनवमी पर अयोध्या में उमड़ा आस्था का सैलाब, 35 लाख श्रद्धालुओं का आगमन अयोध्या रामनवमी के पावन अवसर पर अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुण्डे ने जानकारी देते हुए बताया कि 26 व 27 मार्च को रामनवमी के अवसर पर करीब 35 लाख श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं। मिली जानकारी के अनुसार राम मंदिर अयोध्या में आज दोपहर तक लगभग 3.5 लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। वहीं अनुमान है कि देर रात तक यह संख्या बढ़कर करीब 4 लाख तक पहुंच सकती है। रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

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