US submarine strike on Iran ship : 87 लोगों की मौत, भारतीय नौसेना अभ्यास के बाद हुआ हादसा

US submarine strike on Iran ship : हाल ही में हिंद महासागर में एक बड़ा naval घटनाक्रम सामने आया है, जहां अमेरिकी नौसेना की एक सबमरीन  ने ईरानी युद्धपोत IRIS Dena को टॉरपीडो से डुबो दिया। इस हमले में कम से कम 87 लोग मारे गए हैं। यह घटना अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का हिस्सा मानी जा रही है, जो मार्च 2026 में तेज हो गया है। ईरानी फ्रिगेट IRIS Dena भारत में हुए बहुपक्षीय नौसेना अभ्यास MILAN 2026 में हिस्सा लेने के बाद वापस लौट रहा था, जब यह हमला हुआ।

US submarine strike on Iran ship : घटना का विवरण

US submarine strike on Iran ship : ईरानी नौसेना का Moudge क्लास फ्रिगेट IRIS Dena (जिसे कभी-कभी IRIS Dena 75 भी कहा जाता है) भारत में MILAN 2026 एक्सरसाइज में शामिल हुआ था। यह एक्सरसाइज इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में interoperability, maritime domain awareness और collective response capabilities को मजबूत करने के लिए आयोजित किया गया था। एक्सरसाइज के harbor और sea phases में anti-submarine warfare, air defence, search and rescue जैसी जटिल ऑपरेशंस पर फोकस था।

एक्सरसाइज खत्म होने के कुछ दिनों बाद, जहाज श्रीलंका के साउथ कोस्ट से लगभग 40 किमी दूर अंतरराष्ट्रीय जल में था, तभी अमेरिकी फास्ट-अटैक सबमरीन ने एक Mark 48 टॉरपीडो से हमला किया। पेंटागन ने इस हमले की पुष्टि की और एक ब्लैक एंड व्हाइट वीडियो जारी किया, जिसमें पनडुब्बी के पेरिस्कोप से जहाज पर विस्फोट दिखाया गया। यह WWII के बाद अमेरिकी सबमरीन  द्वारा किसी दुश्मन जहाज को टॉरपीडो से डुबोने का पहला मामला है।

US submarine strike on Iran ship
US submarine strike on Iran ship

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “कल हिंद महासागर में एक अमेरिकी सबमरीन  ने ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जो सोचता था कि वह अंतरराष्ट्रीय जल में सुरक्षित है। इसके बजाय, इसे टॉरपीडो से ‘quiet death’ दी गई।” उन्होंने इसे WWII के बाद दुश्मन जहाज को टॉरपीडो से डुबोने का पहला मामला बताया और कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ युद्ध जीतने के लिए लड़ रहा है।

हानि और बचाव कार्य

श्रीलंका की नौसेना ने distress call मिलने पर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। उन्होंने 87 शव बरामद किए और 32 सर्वाइवर्स को बचाया। जहाज पर लगभग 180 लोग सवार थे, जिसमें से कई अभी भी लापता हैं। श्रीलंका पुलिस और नौसेना के अनुसार, तेल का रिसाव, लाइफ राफ्ट और कई शव पानी में मिले। यह घटना श्रीलंका के तट से दूर हुई, लेकिन रेस्क्यू में उनकी बड़ी भूमिका रही।

रणनीतिक महत्व

US submarine strike on Iran ship : यह हमला अमेरिका-इजराइल के ईरान के खिलाफ युद्ध (जिसे Operation Epic Fury कहा जा रहा है) का हिस्सा है, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरानी नौसेना को खत्म करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी पनडुब्बी ने जहाज को भारत से ईरान की वापसी के दौरान ट्रैक किया हो सकता है, क्योंकि intelligence gathering के लिए ऐसी tracking आम है। IRIS Dena ईरान की आधुनिक warships में से एक था, जो heavy guns, surface-to-air missiles, anti-ship missiles और helicopter से लैस था।

US submarine strike on Iran ship
US submarine strike on Iran ship

यह घटना भारत के पड़ोस में युद्ध के विस्तार को दिखाती है और क्षेत्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाती है। भारत ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन MILAN अभ्यास में शामिल होने के कारण यह मुद्दा दिल्ली के लिए संवेदनशील है।

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US submarine strike on Iran ship ने ग्लोबल स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है। ईरान ने इसे ‘atrocity’ बताया है और बदला लेने की धमकी दी है। वहीं, अमेरिका इसे अपनी military superiority का प्रमाण बता रहा है। यह घटना दिखाती है कि आधुनिक युद्ध कितने silent और lethal हो सकते हैं, जहां पनडुब्बियां बिना पता चले हमला कर सकती हैं। स्थिति पर नजर रखना जरूरी है, क्योंकि यह Indo-Pacific क्षेत्र की stability को प्रभावित कर सकती है।

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