Noida Sector 150 accident : नोएडा के सेक्टर-150 में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की कार घने कोहरे में अनियंत्रित होकर एक निर्माणाधीन मॉल के बेसमेंट में बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई। ठंडे पानी में करीब 90 मिनट तक संघर्ष करने के बाद युवराज की जान चली गई। यह हादसा न केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी है, बल्कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही का भी खुलासा करता है।
Noida Sector 150 accident : हादसे की पूरी कहानी
17 जनवरी 2026 की देर रात करीब 12:30 बजे की बात है। गुरुग्राम में काम करने वाले युवराज मेहता अपनी मारुति ग्रैंड विटारा कार से सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरिका पार्क सोसाइटी में घर लौट रहे थे। घने कोहरे और खराब विजिबिलिटी के कारण कार एक तेज मोड़ पर अनियंत्रित हो गई। कार ने क्षतिग्रस्त बाउंड्री वॉल को तोड़ते हुए करीब 20-30 फीट गहरे पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी।
यह गड्ढा एक निर्माणाधीन कमर्शियल प्रोजेक्ट (मॉल) का बेसमेंट था, जिसकी जिम्मेदारी लोटस ग्रीन्स और अन्य बिल्डरों की थी। गड्ढे के आसपास न तो बैरिकेडिंग थी, न चेतावनी बोर्ड, न रिफ्लेक्टर और न ही पर्याप्त स्ट्रीट लाइटिंग। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह खतरा महीनों से बना हुआ था और पहले भी एक ट्रक यहां गिर चुका था।
युवराज कार की छत पर चढ़कर मदद के लिए चिल्लाते रहे। उन्होंने अपने पिता को फोन करके कहा, “पापा, मुझे बचा लो!” लेकिन ठंडे पानी, अंधेरे और लोहे की रॉड्स की वजह से रेस्क्यू में देरी हुई। करीब 5 घंटे बाद शव और कार बाहर निकाले गए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह दम घुटना या कार्डियक अरेस्ट बताई गई है।

नोएडा प्राधिकरण की तुरंत कार्रवाई
Noida Sector 150 accident : हादसे के बाद जनआक्रोश को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) श्री लोकेश एम. ने सख्त कदम उठाए।
- ट्रैफिक सेल के जूनियर इंजीनियर श्री नवीन कुमार की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गईं।
- सेक्टर-150 में यातायात संबंधी कार्यों के लिए जिम्मेदार अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
- संबंधित विभागों से लोटस बिल्डर के प्लॉट आवंटन और निर्माण कार्य की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई।
- CEO ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी अब बिलकुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- सभी विभागों को आदेश दिए गए कि अपने क्षेत्रों में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा का दोबारा निरीक्षण करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
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इसके अलावा, बिल्डरों (लोटस ग्रीन्स और MZ विशटाउन प्लानर्स) के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
नोएडा से पत्रकार सत्यवीर सिंह की रिपोर्ट
