भारत अब डिजिटल युग में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। लंबे इंतजार के बाद First Digital Jangadna 2027 यानी भारत की पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना शुरू होने वाली है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जनवरी 2026 में इसके पहले चरण की ऑफिसियल नोटिफिकेशन जारी कर दी है। यह जनगणना न सिर्फ टेक्नोलॉजी रूप से क्रांतिकारी होगी, बल्कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार सभी जातियों की गणना भी शामिल करेगी। आइए, इस बारे में डिटेल जानते हैं।
जनगणना 2027 क्यों खास है?
- पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना : अब कागज-पेन की जगह मोबाइल ऐप से डेटा इकट्ठा होगा। लगभग 30 लाख गणनाकर्मी इस काम में लगेंगे।
- जाति गणना शामिल : 1931 के बाद पहली बार सभी व्यक्तियों की जाति का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड लिया जाएगा।
- सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प : नागरिक खुद ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकते हैं।
- बजट: कैबिनेट ने दिसंबर 2025 में 11,718 करोड़ रुपये की मंजूरी दी।
यह जनगणना कोविड-19 के कारण 2021 से स्थगित हो गई थी। अब 16 साल बाद यह दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल प्रशासनिक अभियान बनेगा।

दो चरणों में होगी First Digital Jangadna 2027
- पहला चरण : हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस
- समय : 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 तक।
- प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश में 30 दिनों की निर्धारित अवधि।
- काम : घरों की सूची बनाना, आवास की सुविधाएं (शौचालय, पानी, बिजली आदि) रिकॉर्ड करना।
- खास : सर्वे से 15 दिन पहले सेल्फ-एन्यूमरेशन शुरू हो जाएगा।
- दूसरा चरण : जनसंख्या गणना
- समय : फरवरी 2027 (बर्फीले क्षेत्रों में सितंबर 2026)।
- संदर्भ तिथि : 1 मार्च 2027 की आधी रात।
- काम : नाम, आयु, लिंग, शिक्षा, रोजगार, migration और जाति आदि की जानकारी।
First Digital Census India 2027 : इस जनगणना का महत्व
यह डेटा सरकार की योजनाओं, संसदीय सीटों के परिसीमन, आरक्षण और विकास नीतियों के लिए आधार बनेगा। डिजिटल होने से डेटा तेजी से उपलब्ध होगा और गलतियां कम होंगी।
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दोस्तों, जब गणनाकर्मी आपके घर आएं तो पूरा सहयोग करें। सही जानकारी देना हमारा कर्तव्य है, क्योंकि इससे देश मजबूत बनेगा। First Digital Jangadna 2027 एक नया भारत गढ़ने की शुरुआत है!

