New Year 2026 Spiritual welcome नया साल, नई उम्मीदें, नया उत्साह… लेकिन जब यह शुरुआत आस्था, श्रद्धा और भक्ति की त्रिवेणी में डूबकर हो, तो उसका सौंदर्य और भी गहरा, और भी दिव्य हो जाता है। ठीक यही अनुभव 1 जनवरी 2026 को उन सभी भक्तों ने किया, जो ‘कान्हा के घर की कवि गोष्ठी’ संस्था द्वारा आयोजित ऑनलाइन भजन संध्या में शामिल हुए।
यह कोई साधारण नववर्ष समारोह नहीं था। न ही आतिशबाज़ी, न ही पार्टियों की चकाचौंध। यह था कान्हा के प्रेम, शिव की कृपा और माँ दुर्गा की शक्ति में लीन होने का एक पवित्र अवसर, जहाँ केवल और केवल दिव्यता ही छाई रही।
New Year 2026 Spiritual welcome : कार्यक्रम की झलकियाँ
रात 9 बजे शुरू हुआ यह ऑनलाइन आयोजन लगभग 11 बजे तक चला। इस दौरान विभिन्न स्थानों से जुड़े साधक-भक्तों ने अपने-अपने भाव से कान्हा, शिव और शक्ति के भजनों तथा पाठों के माध्यम से नववर्ष का आध्यात्मिक स्वागत किया।
- संस्थापक अध्यक्ष श्री मृत्युंजय साधक (गाजियाबाद) ने नवधा भक्ति के साथ कई हृदयस्पर्शी भजन प्रस्तुत किए। उनकी आवाज़ में जब भक्ति का भाव उमड़ा, तो वे स्वयं भावविभोर हो उठे। समस्त भक्तों ने इस परम आनंद की जयकार लगाई।
- संस्थापक उपाध्यक्ष डॉ. अंजु सुमन साधक (गाजियाबाद) ने कान्हा और भगवान शिव के कई सुंदर भजन गाए, जिनमें हर स्वर भक्ति की गहराई लिए हुए था।
- श्री प्रमोद वशिष्ठ (जयपुर, राजस्थान) ने दुर्गा सप्तशती के पाँचवें अध्याय और कवच का सस्वर पाठ कर सभी को माँ दुर्गा की कृपा से जोड़ा।
- श्रीमती विभा पांडेय (गाजियाबाद) ने कान्हा के भजनों का मधुर सस्वर पाठ किया, जो सुनने वालों के मन को छू गया।
- श्रीमती सुधा बसोर सौम्या ने भी इस पावन आयोजन में अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को और समृद्ध किया।

एक अनोखा नववर्ष… जहाँ केवल दिव्यता थी
इस संध्या में कोई भव्यता नहीं थी, कोई दिखावा नहीं था। बस था एक शुद्ध, सरल और गहन भक्ति भाव। सभी सहभागी भावों में डूबे, अध्यात्म के उस रस में डूबकर अवगाहन करते रहे, जहाँ समय और दुनिया की सारी चिंताएँ क्षणभर के लिए विलीन हो जाती हैं।
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निश्चित ही नववर्ष का इससे अधिक सुंदर, शुभ और पवित्र शुभारंभ और क्या हो सकता है?
New Year 2026 Spiritual welcome : बड़े सौभाग्य से ही ऐसे परम आनंद के पल नसीब होते हैं, जब चारों ओर सिर्फ़ और सिर्फ़ दिव्यता बरसती है।
कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित भक्तजनों की पावन उपस्थिति को सादर नमन किया गया। कान्हा के घर की कवि गोष्ठी ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि सच्ची खुशी, सच्चा उत्सव वही है जो हृदय से हृदय तक जाए, जो आत्मा को छू ले और जो हमें ईश्वर के और निकट ले आए।
जय श्रीकृष्ण! जय भगवान शिव! जय माँ दुर्गा!
नववर्ष 2026 सभी के लिए भक्ति, शांति और आनंद से भरा रहे।
कान्हा के घर की कवि गोष्ठी परिवार को सादर नमन एवं हार्दिक शुभकामनाएँ। 🌸🙏
