Sanchar Saathi app : आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। लेकिन इसी स्मार्टफोन के जरिए आने वाले फ्रॉड कॉल्स, स्पैम मैसेज और साइबर ठगों ने हमारी सुरक्षा को खतरे में डाल दिया है। क्या आप जानते हैं कि भारत में हर साल लाखों लोग टेलीकॉम फ्रॉड का शिकार हो जाते हैं? इन्हीं समस्याओं का समाधान लेकर आया है Sanchar Saathi app – एक सरकारी पहल जो आपके फोन को सुरक्षित बनाने का वादा करती है।
इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि संचार साथी ऐप क्या है, इसकी खासियतें क्या हैं, और सरकार क्यों इसे सभी नए स्मार्टफोन्स में प्री-इंस्टॉल करने का आदेश दे रही है। अगर आप स्मार्टफोन यूजर हैं, तो यह पोस्ट आपके लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। चलिए, शुरू करते हैं!
संचार साथी ऐप क्या है? (What is the Sanchar Saathi app?)
Sanchar Saathi app भारत सरकार के संचार मंत्रालय के तहत दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा विकसित एक फ्री मोबाइल एप्लिकेशन है। यह ऐप न केवल टेलीकॉम फ्रॉड से बचाव करता है, बल्कि आपके डिवाइस की प्रामाणिकता की जांच भी करता है। वेब वर्जन भी अवेलबल है
यह ऐप भारत के 1.2 अरब से अधिक स्मार्टफोन यूजर्स को सशक्त बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य है:-
- टेलीकॉम संसाधनों के दुरुपयोग को रोकना।
- साइबर फ्रॉड से जागरूकता फैलाना।
- सरकारी टेलीकॉम योजनाओं की जानकारी देना।
अभी तक, इस ऐप ने 6.5 लाख फ्रॉड रिपोर्ट्स को हैंडल किया है, जिससे 41 लाख कार्रवाइयां हुई हैं। आंकड़े खुद बोलते हैं कि यह कितना प्रभावी है!

ऐप की प्रमुख विशेषताएं : आपकी सुरक्षा का पूरा पैकेज
Sanchar Saathi app सरल और यूजर-फ्रेंडली है। इसमें कई टूल्स हैं जो रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान देते हैं। आइए, इन्हें एक-एक करके देखें:
- फ्रॉड रिपोर्टिंग : संदिग्ध फ्रॉड जैसे नकली कॉल्स, निवेश घोटाले, KYC/पेमेंट स्कैम्स, स्पैम या फिशिंग लिंक्स की रिपोर्ट करें। रिपोर्ट गोपनीय रहती है और 7 दिनों के अंदर कार्रवाई हो सकती है।
- खोए/चोरी हुए डिवाइस ब्लॉक करें : IMEI नंबर से फोन को ब्लॉक और ट्रेस करें। रिकवरी पर अनब्लॉक करें (पुलिस रिपोर्ट के साथ)। अब तक 42 लाख डिवाइस ब्लॉक, 26 लाख ट्रेस हो चुके हैं।
- मोबाइल कनेक्शन वेरिफाई करें : अपने नाम पर रजिस्टर्ड अनजान कनेक्शन चेक करें (अधिकतम 9 कनेक्शन)। अनुपयोगी कनेक्शन कट सकते हैं। 2.91 लाख रिक्वेस्ट प्रोसेस, 2.55 लाख सुलझे।
- हैंडसेट की सत्यता जांचें : IMEI से डिवाइस की असली कंपनी/मॉडल चेक करें। फर्जी IMEI वाले फोन ब्लॉक हो जाते हैं।
- संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय कॉल्स रिपोर्ट करें : +91 नंबर दिखाने वाली विदेशी कॉल्स की रिपोर्ट करें, जो अवैध VoIP का इस्तेमाल करती हैं।
- वायरलाइन ISP लुकअप : पिन कोड या एड्रेस से इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर खोजें।
- ट्रस्टेड कॉन्टैक्ट्स : बैंकों/फाइनेंशियल संस्थाओं के आधिकारिक कस्टमर केयर नंबर वेरिफाई करें।
- जागरूकता सेक्शन : साइबर थ्रेट्स, TRAI के MySpeed ऐप जैसी अपडेट्स।
ये फीचर्स न केवल फ्रॉड रोकते हैं, बल्कि आपको सक्रिय रूप से सुरक्षा में भागीदार बनाते हैं। डाउनलोड करें और रजिस्टर करें – यह पूरी तरह मुफ्त है!
सरकार क्यों कर रही है प्री-इंस्टॉलेशन अनिवार्य?
28 नवंबर 2025 को DoT ने टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी रूल्स, 2024 के तहत एक बड़ा आदेश जारी किया। सभी स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर्स (जैसे Apple, Samsung, Xiaomi, Vivo, Oppo) को नए डिवाइसों में संचार साथी ऐप प्री-इंस्टॉल करना होगा। यह 90 दिनों के अंदर (लगभग मार्च 2026 तक) लागू होना है। ऐप को सेटअप के दौरान आसानी से दिखना चाहिए, और इसके कोर फंक्शन्स को फैक्ट्री लेवल पर डिसेबल नहीं किया जा सकेगा। पुराने स्टॉक पर भी OTA अपडेट्स के जरिए ऐप मजबूत किया जाएगा।
सरकार का तर्क क्या है?
- फ्रॉड से मुकाबला : IMEI वेरिफिकेशन से फर्जी डिवाइसों की खरीद रुकेगी, जो चोरी या क्लोन फोन्स से स्कैम्स फैलाते हैं।
- आसान पहुंच : प्री-इंस्टॉल से 1.2 अरब यूजर्स को तुरंत फ्रॉड रिपोर्टिंग टूल्स मिलेंगे, जिससे अवैध गतिविधियां जल्दी पकड़ी जाएंगी।
- राष्ट्रीय सुरक्षा : साइबर थ्रेट्स से देश की टेलीकॉम सिस्टम को मजबूत बनाना।
संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “यह ऐप बिना रजिस्ट्रेशन के निष्क्रिय रहता है – यह जबरदस्ती नहीं, बल्कि सुरक्षा का विकल्प है।”

विवाद और स्पष्टीकरण : क्या यह प्राइवेसी का उल्लंघन है?
Sanchar Saathi app : यह आदेश जारी होते ही प्राइवेसी एडवोकेट्स ने विरोध जताया। उनका कहना है कि प्री-इंस्टॉल यूजर की सहमति का उल्लंघन है और निगरानी बढ़ा सकता है। शुरुआती रिपोर्ट्स में ऐप को “अनडिलीटेबल” बताया गया, लेकिन 2 दिसंबर 2025 को सरकार ने स्पष्ट किया: यूजर्स सेटअप के बाद ऐप अनइंस्टॉल कर सकते हैं। Apple ने कथित तौर पर अनुपालन से इनकार किया है, लेकिन आदेश मैन्युफैक्चरर्स पर है, न कि यूजर्स पर।
कुल मिलाकर, यह कदम भारत जैसे बड़े बाजार में साइबर सिक्योरिटी को मजबूत करने की दिशा में है। लेकिन प्राइवेसी संतुलन जरूरी है!
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Sanchar Saathi app एक छोटा सा स्टेप है जो बड़े बदलाव ला सकता है। अगर आप फ्रॉड का शिकार हो चुके हैं या भविष्य में बचना चाहते हैं, तो आज ही इसे डाउनलोड करें। रिपोर्ट करें, वेरिफाई करें, और सुरक्षित रहें।
