Ayodhya Ram Mandir Flag Hoisting Ceremony : विवाह पंचमी पर सम्पन्न ऐतिहासिक ध्वजारोहण
Ayodhya Ram Mandir Flag Hoisting Ceremony
Ayodhya Ram Mandir Flag Hoisting Ceremony आज का दिन भारतीय इतिहास के सुनहरे पेज में एक नया अध्याय जुड़ गया है। विवाह पंचमी के पावन अवसर पर, अयोध्या में भगवान राम के जन्मभूमि मंदिर परिसर में आयोजित Ayodhya Ram Mandir Flag Hoisting Ceremony ने करोड़ों भक्तों के हृदय को खुश कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में संपन्न यह समारोह न केवल मंदिर निर्माण का पूरी तरह से समापन दिखता है, बल्कि सदियों की तपस्या और संघर्ष की विजय का प्रतीक भी है।
समारोह का भव्य स्वरूप और प्रधानमंत्री मोदी का आगमन
अयोध्या की पवित्र भूमि पर सुबह से ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। प्रधानमंत्री मोदी जी का आगमन एक राजसी स्वागत के साथ हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनका स्वागत किया। शहर की सड़कों पर चले भव्य रोड शो में भक्तों ने फूलों की वर्षा की, और नारों से वातावरण गुंजायमान हो गया। समारोह से पूर्व, प्रधानमंत्री जी ने परिसर के नवनिर्मित सप्त मंदिर में पूजा-अर्चना की।
यह समारोह ‘अभिजीत मुहूर्त’ में आयोजित किया गया, जो सबसे शुभ समय माना जाता है। मंदिर के सभी 44 द्वार खोले गए, और RSS प्रमुख मोहन भागवत जी, संतों, गणमान्य व्यक्तियों तथा राम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्यों के साथ प्रधानमंत्री जी ने ध्वज स्थापित किया। लगभग 8,000 आमंत्रित अतिथियों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम लाइव प्रसारित हुआ, जिसने पूरे विश्व को जोड़ दिया।

Ayodhya Ram Mandir Flag Hoisting Ceremony : धर्म ध्वज की विशेषताएं
Ayodhya Ram Mandir Flag Hoisting Ceremony का केंद्रबिंदु था वह पवित्र धर्म ध्वज, जिसे ‘धर्म का प्रतीक’ कहा जा रहा है। अहमदाबाद की एक पैराशूट विशेषज्ञ फर्म द्वारा 25 दिनों की कठिन मेहनत से तैयार यह ध्वज सैन्य ग्रेड के कपड़े और प्रीमियम रेशम धागों से बना है। यह कठोर मौसम का सामना करने में सक्षम है, और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों से परामर्श लेकर बनाया गया।
इस ध्वज का आकार 22 फुट लंबा और 11 फुट चौड़ा है, जो कुल 11 किलोग्राम वजनी है। इसका रंग भगवा है, जो त्याग और आध्यात्मिकता का प्रतीक माना जाता है। इसमें स्वर्णिम कढ़ाई से सूर्य का चित्रण किया गया है, जो भगवान राम के सूर्यवंश वंश को दर्शाता है। साथ ही, पवित्र ‘ओम’ का प्रतीक आध्यात्मिक सार को उजागर करता है, जबकि कोविदार वृक्ष की कढ़ाई शुद्धता, समृद्धि तथा राम राज्य के आदर्श को प्रतिबिंबित करती है—जैसा कि वाल्मीकि रामायण में वर्णित है। यह ध्वज मंदिर की गुंबद पर 42 फुट ऊंचे ध्वजस्तंभ पर फहराया गया, जो राम राज्य के आदर्श शासन का संदेश देता है। पुजारियों ने इसे ‘दूसरी प्राण प्रतिष्ठा’ का समान बताया है।
प्रधानमंत्री मोदी का भावुक संबोधन : छह क्रांतिकारी संदेश
ध्वज फहराने के बाद, प्रधानमंत्री मोदी जी ने भक्तों को संबोधित किया। उनका भाषण भावुकता से भरा था, और उन्होंने कहा, “यह पल सदियों की पीड़ा का अंत है। अयोध्या में इतिहास रचा गया है।” उन्होंने छह महत्वपूर्ण संदेश दिए:
- 500 वर्षों की तपस्या का फल : यह समारोह भक्तों के लंबे संघर्ष की पूर्ति है।
- सत्य की विजय : ऐतिहासिक अन्याय पर सत्य और धर्म की जीत।
- ग्लोबल सद्भावना : अयोध्या का पुनरुद्धार विश्व में शांति का संदेश देता है।
- एकता का प्रतीक : राम के आदर्श सभी धर्मों को जोड़ते हैं।
- सांस्कृतिक गौरव का नया युग : यह भारत की सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करता है।
- राष्ट्र की तपस्या : हर भारतीय की मेहनत फलीभूत हुई।
वीडियो फुटेज में प्रधानमंत्री जी की आंखों में चमकते आंसू दिखे, जो इस पल की गहनता को दर्शाते हैं।

जन प्रतिक्रियाएं और सोशल मीडिया पर हलचल
Ayodhya Ram Mandir Flag Hoisting Ceremony : सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर #AyodhyaRamMandir और #Dhwajarohan ट्रेंड कर रहा है। भक्तों ने “जय श्री राम” के नारों के साथ वीडियो शेयर किए, और एक यूजर ने लिखा, “500 वर्षों की तपस्या आज फलीभूत हुई।” कुछ राजनीतिक टिप्पणियां भी आईं, जैसे कांग्रेस नेता राशिद अल्वी का सवाल कि ऐसे समारोहों में सभी को क्यों नहीं आमंत्रित किया गया।
मीडिया कवरेज में गुजराती, कन्नड़ और हिंदी चैनलों ने लाइव प्रसारण किया, जबकि ग्लोबल आउटलेट्स ने इसे सांस्कृतिक मील का पत्थर बताया। पीआईबी और मंदिर ट्रस्ट के आधिकारिक चैनलों पर और अपडेट उपलब्ध हैं।
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राम मंदिर, राम राज्य का मार्ग प्रशस्त
Ayodhya Ram Mandir Flag Hoisting Ceremony न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान था, बल्कि राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का प्रतीक। यह हमें सिखाता है कि सत्य और धैर्य की राह पर चलकर असंभव को संभव बनाया जा सकता है। अयोध्या अब विश्व का आध्यात्मिक केंद्र बन चुकी है, जहां राम का संदेश शांति और समृद्धि का वाहक बनेगा।