बांग्लादेश में बिगड़े हालात, Noida को मिल सकता हैं बड़ा ऑर्डर, इनको होगा बड़ा फायदा!

Noida: बांग्लादेश के बिगड़े राजनीतिक हालात और हिंसा पर नोएडा के रेडीमेड गारमेंट्स के निर्यातक कड़ी नजर बनाए हुए हैं। इन निर्यातकों का मानना है कि बांग्लादेश की अस्थिरता उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। वर्तमान में, बांग्लादेश राजनीतिक संकट और हिंसा के दौर से गुजर रहा है, जिसमें देश की प्रधानमंत्री ने देश छोड़ दिया है। व्यापार लगभग ठप पड़ा है और नोएडा के निर्यातकों को उम्मीद है कि इस संकट के चलते उन्हें बांग्लादेश के विदेशी ऑर्डर्स मिल सकते हैं।

उद्यमियों की उम्मीदें और संभावनाएं

नोएडा के उद्यमियों का मानना है कि अगले तीन महीनों में उन्हें 8 से 10 अरब डॉलर (लगभग 839 अरब रुपये) के रेडीमेड गारमेंट्स के ऑर्डर मिल सकते हैं। बांग्लादेश दुनिया के प्रमुख टैक्सटाइल निर्यातक देशों में से एक है, जहां हर माह करीब 3.5 से 3.8 बिलियन डॉलर के कपड़े एक्सपोर्ट किए जाते हैं। वहां की अस्थिरता के कारण भारत की टैक्सटाइल इंडस्ट्री को बड़ा फायदा हो सकता है।

अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की नजर भारत पर

बांग्लादेश के संकट के चलते अंतरराष्ट्रीय खरीदार नए विकल्प तलाश रहे हैं और उनकी नजर भारत पर है। अगर बांग्लादेश के एक्सपोर्ट का 10 से 11% भारत के तिरुपुर जैसे केंद्रों में आता है तो भारत को हर महीने 8 से 10 बिलियन डॉलर के ऑर्डर मिल सकते हैं। नोएडा परिधान निर्यात क्लस्टर के अध्यक्ष ललित ठुकराल का मानना है कि जारा और मैंगो जैसे बड़े ब्रांड्स भी इन हालातों में भारत की ओर लौट सकते हैं।

भारत में उत्पादन महंगा

हालांकि, भारत में उत्पाद तैयार करना महंगा है क्योंकि यहाँ पर ड्यूटी 9% है और जीएसटी और अन्य टैक्स भी लागू होते हैं। इसके बावजूद, अगर सरकार टैक्स में छूट देती है, तो भारत को अधिक ऑर्डर मिल सकते हैं।

प्रतिद्वंद्वी देशों की चुनौती

भारत के लिए चुनौती यह है कि चीन और इंडोनेशिया भी इन ऑर्डर्स पर नजर रखे हुए हैं। सरकारी सुविधाओं के चलते वहां के उत्पाद सस्ते होते हैं। एसोसिएशन ऑफ इंडियन मैन्यूफैक्चरर्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कुलमणि गुप्ता का कहना है कि बांग्लादेश के हालात का सीधा लाभ नोएडा के निर्यातकों को हो सकता है।

भारतीय कारोबारियों को नुकसान भी

रेडीमेड गारमेंट्स की प्रमुख निर्यातक शशि नागिया का मानना है कि बांग्लादेश की अस्थिरता का नुकसान भी भारतीय कारोबारियों को हो सकता है। बांग्लादेश में कॉटन और अन्य कपड़े भारत से ही भेजे जाते हैं, जिससे भारत को नुकसान होगा। इसके अलावा, वियतनाम भी इन ऑर्डर्स का बड़ा दावेदार है, क्योंकि वहां गारमेंट्स सस्ते और उच्च गुणवत्ता के होते हैं।

नोएडा के निर्यातकों को बांग्लादेश के राजनीतिक संकट से बड़े लाभ की उम्मीद है, लेकिन उन्हें चीन, इंडोनेशिया और वियतनाम जैसे प्रतिद्वंद्वी देशों से भी सतर्क रहना होगा। अगर भारतीय सरकार उचित कदम उठाती है, तो भारतीय टैक्सटाइल इंडस्ट्री को बड़ा फायदा मिल सकता है।

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