US-Brazil Trade War
- अमेरिका ने ब्राजील से आयातित तांबे पर 50% टैरिफ की घोषणा की, जो 1 अगस्त, 2025 से प्रभावी होगा।
- यह कदम ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के खिलाफ चल रहे मुकदमे के विरोध में उठाया गया है।
- ट्रंप ने ब्राजील की न्यायपालिका पर “राजनीतिक पूर्वाग्रह” का आरोप लगाया।
- ब्राजील सरकार ने इस फैसले को “अकारण” बताते हुए आपत्ति जताई।

US-Brazil Trade War : घटनाक्रम
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील पर आर्थिक प्रतिबंध के तौर पर तांबे के आयात पर 50% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह निर्णय ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो के खिलाफ चल रहे मुकदमे की प्रतिक्रिया में लिया गया है। ट्रंप ने इसे “राजनीतिक साजिश” और “अंतरराष्ट्रीय अपमान” करार दिया है।
ट्रंप और बोल्सोनारो के संबंधों का प्रभाव
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा को एक पत्र लिखकर बोल्सोनारो के मुकदमे को रोकने की मांग की। उनका कहना है कि यह मामला न्यायिक नहीं, बल्कि राजनीतिक है। बोल्सोनारो पर 2022 के चुनाव में हार के बाद सत्ता पलटने की साजिश रचने का आरोप है।
ट्रंप ने ब्राजील की सुप्रीम कोर्ट द्वारा सोशल मीडिया कंपनियों (खासकर ‘एक्स’ (ट्विटर)) पर लगाए गए जुर्माने की भी आलोचना की है। उन्होंने इसे “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला” बताया।

ब्राजील की प्रतिक्रिया
ब्राजील के उपराष्ट्रपति गेराल्डो अल्कमिन ने ट्रंप के फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा, “यह टैरिफ पूरी तरह से अनुचित है और इसकी कोई आर्थिक वजह नहीं है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्राजील की न्यायपालिका स्वतंत्र है और बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अल्कमिन ने यह भी याद दिलाया कि राष्ट्रपति लूला खुद 2 साल जेल में रह चुके हैं, लेकिन उन्होंने कभी न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल नहीं उठाया।
व्यापारिक और ग्लोबल प्रभाव
- अमेरिका-ब्राजील व्यापार संबंधों पर खतरा : पिछले साल दोनों देशों के बीच 6.8 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष अमेरिका के पक्ष में था।
- कीमतों में वृद्धि : टैरिफ से तांबे की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे इलेक्ट्रॉनिक्स और निर्माण उद्योग प्रभावित होंगे।
- ग्लोबल आपूर्ति श्रृंखला में असंतुलन : अन्य देश भी अमेरिकी बाजार पर निर्भर हैं, इसलिए यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार को अस्थिर कर सकता है।

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ट्रंप का यह कदम आर्थिक से ज्यादा राजनीतिक प्रतीत होता है। यदि ब्राजील जवाबी कार्रवाई करता है, तो द्विपक्षीय व्यापार युद्ध छिड़ सकता है, जिसका असर ग्लोबल अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

