CM Yogi Adityanath ने अधिकारियों से कहा, “उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तहत ठोस, तरल, जैव-चिकित्सीय और खतरनाक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अलग-अलग सेल बनाए जाएं। पर्यावरण प्रदूषण की नई चुनौतियों के लिए बोर्ड को उन्नत किया जाए। खाली पदों को जल्द से जल्द भरा जाए।”

संरचना में बदलाव और सभी जिलों में कार्यालय
आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्य में प्रेजेंट समय में 28 क्षेत्रीय कार्यालय हैं जिन्हें अब 18 डिविज़न्स में रओर्गनाइज़ किया जाएगा और सभी 75 जिलों में कम से कम एक UPPCB कार्यालय बनाये जाएंगे। जिन जिलों में औद्योगिक गतिविधियां अधिक हैं, वहाँ एक से अधिक कार्यालय भी हो सकते हैं।
महाकुंभ-2025 के मद्देनज़र बैठक का विशेष महत्व
यह बैठक प्रयागराज में हाल ही में आयोजित महाकुंभ-2025 मेले के संदर्भ में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जहां गंगा और यमुना नदियों मेंअनट्रीटेड सीवेज के प्रवाह को लेकर चिंताएं व्यक्त की गई थीं। इस समस्या के समाधान के लिए अस्थायी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) और उन्नत ऑक्सीकरण टेक्निक का प्रयोग किया गया, लेकिन कुछ STPs निर्धारित जल गुणवत्ता मानकों को पूरा नहीं कर पाए।

Yogi Adityanath : NOC प्रक्रिया का समय घटाया जाएगा
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि रेड, ऑरेंज और ग्रीन केटेगरी के तहत NOC (CTO/CTE) आवेदनों के निपटारे का समय क्रमशः 120 दिनों से घटाकर 40, 25 और 10 दिन कर दिया जाए।
लोगो की शिकायत और रीसर्च के लिए अलग सेल बनेगा
UPPCB : मुख्यमंत्री ने कहा कि जन शिकायतों, रीसर्च एवं विकास, जन जागरूकता, प्रकाशन औरआर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए भी अलग सेल बनाए जाएं।
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IIT और टेक्निकल इंस्टीटूशन के ग्रेजुएट्स को दिया जाए अवसर
CM Yogi Adityanath ने कहा, “खाली पदों को जल्द भरा जाए। IIT और अन्य टेक्निकल इंस्टीटूशन के ग्रेजुएट्स को अच्छे वेतन पैकेज के साथ अवसर दिया जाए। इसका फैसला बोर्ड को लेना चाहिए। साथ ही बोर्ड 2008 से अनचेंज NOC शुल्क पर भी दुबारा विचार कर सकता है।”
