रक्षा संपदा कार्यालय, दिल्ली मंडल में Hindi pakhwada 2026 का शुभारंभ
Hindi pakhwada 2026 : रक्षा संपदा कार्यालय, दिल्ली मंडल में आज Hindi pakhwada 2026 का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय (SAARC University), नई दिल्ली के सहायक प्रोफेसर डॉ. विवेक शांडिल्य दीक्षित मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान डॉ. विवेक शांडिल्य दीक्षित ने “राजभाषा हिंदी एवं भाषा का […]
Nimmi Chaudhary
પ્રકાશિત: मंगलवार, 15 सितंबर 2026 | 7:55 PM
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Hindi pakhwada 2026 : रक्षा संपदा कार्यालय, दिल्ली मंडल में आज Hindi pakhwada 2026 का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर दक्षिण एशियाई विश्वविद्यालय (SAARC University), नई दिल्ली के सहायक प्रोफेसर डॉ. विवेक शांडिल्य दीक्षित मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. विवेक शांडिल्य दीक्षित ने “राजभाषा हिंदी एवं भाषा का बदलता स्वरूप : पुरानी पीढ़ी की विरासत और नई पीढ़ी की अभिव्यक्ति” विषय पर सारगर्भित एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। उन्होंने बदलते समय के साथ भाषा के स्वरूप में हो रहे परिवर्तनों, हिंदी की समृद्ध विरासत तथा नई पीढ़ी की अभिव्यक्ति में हिंदी की भूमिका पर प्रकाश डाला।
रक्षा संपदा कार्यालय, दिल्ली मंडल में Hindi pakhwada 2026 का शुभारंभ
इस अवसर पर रक्षा संपदा अधिकारी, दिल्ली मंडल श्री वरुण कालिया तथा राजभाषा प्रभारी श्री मयंक द्विवेदी सहित कार्यालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान हिंदी दिवस के अवसर पर माननीय रक्षा मंत्री एवं माननीय गृह मंत्री द्वारा जारी संदेशों का वाचन भी किया गया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों से राजभाषा हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग तथा सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन का आह्वान किया गया।
हिंदी पखवाड़े के दौरान कार्यालय में विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं एवं राजभाषा संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर रक्षा संपदा अधिकारी श्री वरुण कालिया ने जानकारी दी कि हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत 24 सितंबर 2026 को हास्य कवि सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें हास्य एवं व्यंग्य के माध्यम से हिंदी भाषा के प्रति रुचि और उत्साह को बढ़ावा दिया जाएगा।
Hindi pakhwada 2026 का उद्देश्य कार्यालयीन कार्यों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ अधिकारियों एवं कर्मचारियों में हिंदी के प्रति जागरूकता, रचनात्मकता और अभिरुचि को बढ़ावा देना है।