Air India Flight 171 crash : फ्यूल नियंत्रण स्विच का रहस्य
Air India Flight 171 crash : 12 जून 2025 को अहमदाबाद से उड़ान भरने वाली Air India Flight 171 crash, एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, अपने उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित जमीन पर 19 लोगों की जान चली गई। भारत […]
Air India Flight 171 crash : 12 जून 2025 को अहमदाबाद से उड़ान भरने वाली Air India Flight 171 crash, एक बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर, अपने उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में 241 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों सहित जमीन पर 19 लोगों की जान चली गई। भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा जारी प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इस हादसे का मुख्य कारण दोनों इंजनों के ईंधन नियंत्रण स्विच को “RUN” से “CUTOFF” स्थिति में ले जाना था, जिसके परिणामस्वरूप इंजनों को फ्यूल की सप्लाई रुक गई और विमान में जोर (थ्रस्ट) की कमी हो गई।
Air India Flight 171 crash : फ्लाइट 171 ने अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से रात 1:30 बजे उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के 32-50 सेकंड बाद, विमान केवल 625 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा और फिर एक मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में जा गिरा। कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) के आंकड़ों से पता चला कि एक पायलट ने दूसरे से पूछा, “उसने कटऑफ क्यों किया?” जिसका जवाब था, “मैंने नहीं किया।” यह संवाद पायलटों के बीच भ्रम की स्थिति को दर्शाता है। उस समय को-पायलट विमान उड़ा रहा था, जबकि कप्तान निगरानी कर रहा था।
Air India Flight 171 crash
लगभग 10 सेकंड बाद, स्विच को फिर से “RUN” स्थिति में ले जाया गया, जिससे इंजनों का स्वचालित रीलाइट शुरू हुआ। Air India Flight 171 crash के समय एक इंजन में जोर वापस आ रहा था, जबकि दूसरा इंजन रीलाइट तो हुआ, लेकिन पूरी शक्ति हासिल नहीं कर पाया। क्रैश साइट पर दोनों स्विच “RUN” स्थिति में पाए गए।
फ्यूल नियंत्रण स्विच: तकनीकी पहलू
बोइंग 787 के फ्यूल नियंत्रण स्विच थ्रॉटल लीवर के नीचे स्थित होते हैं और इन्हें गलती से हिलाने से रोकने के लिए विशेष सुरक्षा सुविधाओं, जैसे ब्रैकेट और मेटल स्टॉप-लॉक मैकेनिज्म, के साथ डिज़ाइन किया गया है। इन स्विच को “CUTOFF” स्थिति में ले जाने के लिए जानबूझकर उठाने की आवश्यकता होती है। 2018 में FAA ने एक विशेष सूचना बुलेटिन (SAIB) जारी किया था, जिसमें बोइंग 737 के कुछ स्विचों में लॉकिंग मैकेनिज्म की खराबी की बात कही गई थी। हालांकि, इसे गंभीर सुरक्षा समस्या नहीं माना गया, और एयर इंडिया ने अपने 787 विमानों, जिसमें दुर्घटनाग्रस्त VT-ANB शामिल था, पर अनुशंसित निरीक्षण नहीं किए थे। फिर भी, 2023 तक इस विमान के स्विच बदल दिए गए थे, और तब से कोई दोष दर्ज नहीं हुआ।
जांच के लेटेस्ट अपडेट
प्रारंभिक निष्कर्ष: AAIB की 12 जुलाई 2025 की प्रारंभिक रिपोर्ट में पुष्टि की गई कि स्विच के “CUTOFF” में जाने से इंजनों ने काम करना बंद कर दिया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह कदम जानबूझकर उठाया गया, गलती से हुआ, या यांत्रिक खराबी के कारण था।
ग्लोबल प्रतिक्रिया: दुर्घटना के बाद, लुफ्थांसा, सिंगापुर एयरलाइंस, जापान एयरलाइंस और एयर इंडिया जैसी एयरलाइनों ने अपने बोइंग 787 और 737 विमानों के ईंधन नियंत्रण स्विचों का निरीक्षण शुरू किया। अब तक कोई खराबी नहीं मिली है।
FAA का बयान: 11 जुलाई 2025 को, FAA ने एक नोटिफिकेशन जारी किया, जिसमें कहा गया कि स्विच का डिज़ाइन, जो बोइंग के विभिन्न मॉडलों में समान है, कोई असुरक्षित स्थिति पैदा नहीं करता। इस कारण कोई एयरवर्थनेस डायरेक्टिव जारी नहीं किया गया।
चल रही जांच: AAIB, NTSB, बोइंग, और GE एयरस्पेस की संयुक्त जांच अभी जारी है। ब्लैक बॉक्स डेटा का गहन विश्लेषण स्विच के हिलने के समय और कारण को स्पष्ट करने में मदद करेगा। फ्यूल संदूषण या फ्लैप रिट्रैक्शन जैसी सामान्य समस्याओं को खारिज कर दिया गया है।
Air India Flight 171 crash
संभावित कारण और सवाल
Air India Flight 171 crash : जांच अभी तक इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है कि स्विच का हिलना मानवीय त्रुटि, यांत्रिक खराबी, या किसी अन्य कारक के कारण था। कुछ प्रमुख सवाल जो उठ रहे हैं:
क्या कोई पायलट ने गलती से स्विच को छुआ?
क्या स्विच का डिज़ाइन या उसमें कोई दोष था?
क्या कोई बाहरी कारक, जैसे कॉकपिट में कोई वस्तु, स्विच को प्रभावित कर सकती थी?
X पर जनता की प्रतिक्रियाओं में पायलट त्रुटि या यांत्रिक खराबी को लेकर अटकलें तेज हैं, लेकिन कोई ठोस सबूत अभी तक सामने नहीं आया है। कुछ विशेषज्ञों ने कॉकपिट वीडियो रिकॉर्डर की मांग की है, ताकि चालक दल की गतिविधियों को बेहतर ढंग से समझा जा सके।
Air India Flight 171 crash ने विमानन उद्योग में सुरक्षा प्रोटोकॉल और डिज़ाइन की गहन समीक्षा को प्रेरित किया है। हालांकि प्रारंभिक जांच ने फ्यूल नियंत्रण स्विच को हादसे का प्रमुख कारण बताया है, लेकिन इसके पीछे का सटीक कारण अभी भी रहस्य बना हुआ है। अंतिम रिपोर्ट, जो आने वाले महीनों में अपेक्षित है, इस दुखद घटना के कारणों को और स्पष्ट करेगी। तब तक, ग्लोबल एयरलाइंस और नियामक सतर्कता बरत रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।