Military Engineer Services (MES) के 104वें स्थापना दिवस पर मोहित दुबे, आईडीएसई को प्रतिष्ठित ‘सुदेश धीमान ट्रॉफी’ से सम्मानित किया गया | AVS POST | AVS POST
Military Engineer Services (MES) के 104वें स्थापना दिवस पर मोहित दुबे, आईडीएसई को प्रतिष्ठित ‘सुदेश धीमान ट्रॉफी’ से सम्मानित किया गया
Military Engineer Services (एमईएस) के 104वें स्थापना दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित समारोह में श्री मोहित दुबे, आईडीएसई को प्रतिष्ठित ‘सुदेश धीमान ट्रॉफी’ से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ, एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम, वीएसएम द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल […]
Nimmi Chaudhary
પ્રકાશિત: मंगलवार, 29 सितंबर 2026 | 12:01 PM
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Military Engineer Services (एमईएस) के 104वें स्थापना दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित समारोह में श्री मोहित दुबे, आईडीएसई को प्रतिष्ठित ‘सुदेश धीमान ट्रॉफी’ से सम्मानित किया गया।
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ, एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम, वीएसएम द्वारा प्रदान किया गया। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल विकास रोहिल्ला, एवीएसएम, एसएम, इंजीनियर-इन-चीफ भी उपस्थित रहे।
Military Engineer Services (MES) के 104वें स्थापना दिवस पर मोहित दुबे, आईडीएसई को प्रतिष्ठित ‘सुदेश धीमान ट्रॉफी’ से सम्मानित किया गया
‘सुदेश धीमान ट्रॉफी’ एमईएस के प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है। यह पुरस्कार विगत एक वर्ष के दौरान प्रकाशित तकनीकी शोध-पत्रों में सर्वश्रेष्ठ तकनीकी शोध-पत्र प्रस्तुत करने वाले अधिकारी को प्रदान किया जाता है। श्री मोहित दुबे को यह सम्मान उनके तकनीकी शोध-पत्र “भारत में निर्माण कानून के क्षेत्र में विधायी आवश्यकताएँ” के लिए प्रदान किया गया।
श्री मोहित दुबे 2012 बैच के भारतीय रक्षा अभियंता सेवा (IDSE) के अधिकारी हैं। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT), कानपुर से शिक्षा प्राप्त की है। मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज में शामिल होने से पूर्व उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका में तीन वर्षों से अधिक समय तक स्ट्रक्चरल इंजीनियर के रूप में कार्य किया।
श्री दुबे का यह सम्मान निर्माण कानून के क्षेत्र में विधायी एवं कानूनी आवश्यकताओं पर उनके तकनीकी एवं शोधपरक योगदान को रेखांकित करता है। यह उपलब्धि एमईएस में तकनीकी उत्कृष्टता, पेशेवर दक्षता तथा अनुसंधान एवं ज्ञान आधारित योगदान को दिए जाने वाले महत्व को भी दर्शाती है।