भारत में ed-ul-Fitr 2026 अब 21 मार्च ( शनिवार) को मनाई जाएगी! आज चांद ( शव्वाल का चांद ) दिखाई नहीं दिया,इसलिए रमजान का आखरी रोजा ( 30 वा ) रोजा रखा जा रहा हैं! दरसल इस्लामिक कैलेंडर पूरी तरह Luner Calendar ( चंद्रमा) पर आधारित होता है, और हर नए महीने की शुरुआत चांद दिखने के बाद ही होती है!
20 मार्च की शाम को देश के अलग-अलग हिस्सों में चांद देखने की कोशिश की गई, परंतु अधिकतर जगहों पर चांद नजर नहीं आया! इसके बाद धार्मिक संस्थाओं और चांद देखने वाली कमेटी ने यह घोषणा कि की रमजान का महीना अभी खत्म नहीं हुआ है और एक और रोजा रखा जाएगा! साथ ही यह भी साफ हो गया कि ईद अब अगले दिन यानी 21 मार्च को मनाई जाएगी!
चांद ना दिखने की वजह
इस बार 20 मार्च की शाम को देशभर में शव्वाल का चांद देखने की कोशिश की गई, लेकिन कई वैज्ञानिक और प्राकृतिक कारणों की वजह से चांद दिखाई नहीं दे सका!
सबसे बड़ी वजह यही रही कि उस दिन ( New moon phase ) बहुत देर से शुरू हुआ जिससे सूर्यास्त के समय चंद क्षितिज (Horizon) के काफी करीब और बेहद पतला था! ऐसे में उसे नंगी आंखों से देख पाना काफी मुश्किल हो जाता है!
साथ ही इसके अलावा कई इलाकों में मौसम पूरी तरह साफ नहीं था! हल्के बादल धूल और प्रदूषण की ( Air pollution impact) वजह से आसमान धुंधला रहा जिसे चांद देखने की संभावना है, और कम हो गई!
Eid-ul-Fitr का महत्व
(Importance of Eid festival)
Eid- ul- Fitr Festival इस्लाम धर्म का सबसे बड़ा और खास त्योहार माना जाता है! जोकि रमजान के पूरे महीने रोजा रखने के बाद मनाया जाता है! रमजान के दौरान मुसलमान रोजा रखकर अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखना सीखते हैं और अल्लाह की इबादत में समय बिताते हैं! ऐसे मैं ईद का दिन उनके लिए इनाम और शुक्रिया का दिन होता है, जिसमें वह अल्लाह का धन्यवाद करते हैं कि उन्हें रोजा रखने की ताकत और सब्र मिले! इस दिन –
● लोग नमाज अदा करते हैं
● एक दूसरे को गले लगा कर मुबारकबाद देते हैं
● गरीबों को zakat / Fitra( दान )दिया जाता है
● घरों में सेवइयां और खास पकवान बनाए जाते हैं

