Uttar Pradesh blackout : आज शाम उत्तर प्रदेश में ब्लैकआउट, घबराएं नहीं, यह सिर्फ प्लान्ड ब्लैकआउट मॉक ड्रिल है!
Uttar Pradesh blackout – नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस। इस खास मौके पर शाम ठीक 6 बजे से पूरे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक प्लान्ड ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होने वाली है। अगर आप लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी या राज्य के किसी भी कोने में हैं, तो […]

Uttar Pradesh blackout – नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती और उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस। इस खास मौके पर शाम ठीक 6 बजे से पूरे उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में एक प्लान्ड ब्लैकआउट मॉक ड्रिल होने वाली है।
अगर आप लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी या राज्य के किसी भी कोने में हैं, तो शाम को अचानक सायरन की आवाज सुनेंगे और कुछ मिनटों के लिए बिजली गुल हो जाएगी। कई लोग सोच रहे होंगे – “अरे, क्या हुआ? पावर ग्रिड फेल हो गया क्या?”
नहीं! बिल्कुल नहीं। यह कोई असली इमरजेंसी या तकनीकी खराबी नहीं है। यह नागरिक सुरक्षा विभाग (Civil Defence Department) द्वारा आयोजित एक सुनियोजित अभ्यास है, जिसका मकसद आपातकालीन स्थितियों (जैसे हवाई हमला या बड़ा संकट) में तैयारी को परखना है।

Uttar Pradesh blackout : आज शाम क्या-क्या होगा?
- शाम 6:00 बजे: हवाई चेतावनी सायरन बजेंगे (हाई और लो टोन में लगभग 2 मिनट तक)।
- ब्लैकआउट: उसके बाद चयनित क्षेत्रों में करीब 10 मिनट के लिए बिजली बंद रहेगी – पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाएगा।
- ऑल क्लियर सायरन: अभ्यास खत्म होने पर अलग टोन का सायरन बजेगा, और सब कुछ सामान्य हो जाएगा।
आपको क्या करना चाहिए?
- घर, दुकान, ऑफिस या वाहनों की सभी लाइटें बंद कर दें।
- टॉर्च, मोबाइल फ्लैशलाइट या कोई भी रोशनी न जलाएं।
- शांत रहें, सुरक्षित जगह पर रहें और जरूरी हो तो परिवार के साथ रहें।
- सबसे जरूरी – घबराएं नहीं! यह सिर्फ एक अभ्यास है।
यह ड्रिल पहले से ही घोषित थी। India TV, Zee News, Dainik Jagran, Amar Ujala, Hindustan समेत कई बड़े न्यूज़ चैनल और अखबारों ने पिछले कुछ दिनों में इसकी जानकारी दी थी। सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स, पुलिस, फायर ब्रिगेड और आपदा प्रबंधन टीम भी इसमें सक्रिय रहेंगी।

Uttar Pradesh blackout : ऐसे अभ्यास क्यों जरूरी हैं?
Uttar Pradesh blackout : आज के समय में जब दुनिया में तनाव बढ़ा हुआ है, ऐसे मॉक ड्रिल हमें और हमारे प्रशासन को तैयार रखते हैं। यह द्वितीय विश्व युद्ध के समय की “ब्लैकआउट” रणनीति से प्रेरित है, जब शहरों को अंधेरा करके दुश्मन के हवाई हमलों से बचाव किया जाता था। आज भी यह अभ्यास नागरिक सुरक्षा को मजबूत बनाता है।
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