भारतीय बैडमिंटन की स्टार PV Sindhu(Pusarla Venkata Sindhu) ने 2026 सीजन की शुरुआत मजबूत इरादों के साथ की। 30 वर्षीय दो बार की ओलंपिक पदक विजेता अभी भी दुनिया की टॉप-15 खिलाड़ियों में शुमार हैं और उनका अनुभव उन्हें हर टूर्नामेंट में खतरनाक बनाता है। हालांकि इस साल के शुरुआती महीनों में उनके प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन एक बड़ा ऐतिहासिक मुकाम उन्होंने जरूर हासिल किया।
2026 सीजन की मुख्य उपलब्धियां और परिणाम
मलेशिया ओपन (सुपर 1000) – जनवरी 2026
सीजन का पहला बड़ा टूर्नामेंट। सिंधु ने शानदार शुरुआत की और सेमीफाइनल तक पहुंचीं। उन्होंने चीनी ताइपे की सुंग शुओ युन को हराया और क्वार्टरफाइनल में जापान की अकाने यामागुची जैसी मजबूत खिलाड़ी को भी मात दी। लेकिन सेमीफाइनल में विश्व नंबर 2 वांग झी यी से 16-21, 15-21 से हार का सामना करना पड़ा। यह उनके 2026 सीजन का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा।
इंडिया ओपन (सुपर 750) – जनवरी 2026
घरेलू मैदान पर उम्मीदें ज्यादा थीं, लेकिन सिंधु को पहले राउंड में ही वियतनाम की न्गुयेन थुय लिन्ह से हार मिली। यह उनके लिए निराशाजनक रहा।
इंडोनेशिया मास्टर्स (सुपर 500) – जनवरी 2026
यह टूर्नामेंट PV Sindhu के करियर का सबसे यादगार पल बन गया। उन्होंने डेनमार्क की लाइन होजमार्क क्जेर्सफेल्ट को 21-19, 21-18 से हराकर 500 करियर विन का आंकड़ा छुआ। वे पहली भारतीय (महिला या पुरुष) बनीं जिन्होंने महिला सिंगल्स में 500 मैच जीते। दुनिया भर में वे इस मुकाम तक पहुंचने वाली छठी महिला खिलाड़ी हैं। क्वार्टरफाइनल में चीन की चेन यू फेई से हार जरूर हुई, लेकिन 500वीं जीत ने पूरे देश को गर्व से भर दिया।

बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप 2026 – अप्रैल 2026 (निंगबो, चीन)
लगभग दो महीने के ब्रेक के बाद PV Sindhu मैदान पर लौटीं। पहले राउंड में मलेशिया की वोंग लिंग चिंग के खिलाफ कड़ी टक्कर में 15-21, 21-11, 21-19 से जीत हासिल की। यह कमबैक जीत उनकी फाइटिंग स्पिरिट को दिखाती है। लेकिन दूसरे राउंड में फिर वांग झी यी से 21-18, 21-8 से हार गईं।
2026 में सिंधु की स्थिति (अप्रैल 2026 तक)
- वर्तमान BWF विश्व रैंकिंग: 13वां स्थान
- सीजन का समग्र मूल्यांकन: मिश्रित। एक तरफ मलेशिया ओपन सेमीफाइनल और 500 करियर विन जैसी उपलब्धि, दूसरी तरफ इंडिया ओपन में जल्दी हार और एशिया चैंपियनशिप में दूसरा राउंड।
- मार्च में मिडिल ईस्ट संकट के कारण वे दुबई में फंस गईं, जिसके चलते उन्होंने ऑल इंग्लैंड ओपन और स्विस ओपन से नाम वापस ले लिया।
PV Sindhu की ताकत और चुनौतियां
PV Sindhu की आक्रामक स्मैश, लंबी रैली में धैर्य और बड़े मैचों का अनुभव उन्हें अभी भी दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में रखता है। चीनी खिलाड़ियों (खासकर वांग झी यी और चेन यू फेई) के खिलाफ उनका हेड-टू-हेड रिकॉर्ड चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन वे हर बार वापसी के लिए तैयार रहती हैं।
30+ की उम्र में भी वे लगातार टॉप लेवल पर खेल रही हैं, जो उनकी फिटनेस और मानसिक मजबूती को दर्शाता है। वे भारतीय बैडमिंटन की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हुई हैं।





