Indonesia buys BrahMos missile – यह खबर इन दिनों अंतरराष्ट्रीय रक्षा जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है। भारत की सबसे घातक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस अब इंडोनेशिया की सेना में शामिल होने जा रही है। यह सौदा न सिर्फ भारत-इंडोनेशिया रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करेगा, बल्कि भारत के ‘मेक इन इंडिया’ और डिफेंस एक्सपोर्ट के सपनों को भी नई उड़ान देगा।
Indonesia buys BrahMos missile : सौदे की पूरी डिटेल
मार्च 2026 में इंडोनेशिया के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रिको रिकार्डो सिराइट ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि इंडोनेशिया भारत से ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीद रहा है। यह सौदा लगभग 200-350 मिलियन डॉलर (करीब 1,700-3,000 करोड़ रुपये) का बताया जा रहा है।

कुछ रिपोर्ट्स में इसकी कीमत 450 मिलियन डॉलर तक बताई गई है। सौदे में तीन कोस्टल बैटरी (तटीय बैटरियां) शामिल हैं, जिनमें लॉन्चर, रडार और मिसाइलें शामिल होंगी। डिलीवरी 36 महीने में पूरी होने की उम्मीद है।
यह फिलीपींस के बाद ब्रह्मोस का दूसरा बड़ा विदेशी सौदा है। फिलीपींस ने 2022 में करीब 375 मिलियन डॉलर में तीन ब्रह्मोस बैटरियां खरीदी थीं।
ब्रह्मोस मिसाइल क्यों खास है?
- दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (मैक 3 स्पीड)
- 290 किलोमीटर तक मारक क्षमता (एक्सपोर्ट वर्जन)
- समुद्र और जमीन दोनों लक्ष्यों को भेदने में सक्षम
- भारत और रूस का संयुक्त उपक्रम (BrahMos Aerospace)
- भारत के पास 50.5% हिस्सेदारी

भारत-इंडोनेशिया रणनीतिक महत्व
इंडोनेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया का सबसे बड़ा देश और सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है। दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, नौसैनिक सहयोग और चीन की बढ़ती नौसैनिक गतिविधियों के खिलाफ संतुलन बनाए रखने में साथ काम कर रहे हैं।
यह सौदा भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और इंडोनेशिया की सैन्य आधुनिकीकरण योजना का हिस्सा है। खासकर उत्तर नाटुना सागर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में तटीय सुरक्षा मजबूत करने में ब्रह्मोस बेहद कारगर साबित होगी।
भारत के लिए गर्व का क्षण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भारत अब हथियार आयातक देश से हथियार निर्यातक देश बन रहा है। ब्रह्मोस का यह सौदा भारत की डिफेंस इंडस्ट्री के लिए मील का पत्थर है।
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान इस सौदे पर और चर्चा हुई है। कुछ रिपोर्ट्स में अतिरिक्त ब्रह्मोस बैटरियों और अन्य हथियारों (जैसे एस्ट्रा मिसाइल) की बात भी कही जा रही है।
Indonesia buys BrahMos missile न सिर्फ एक रक्षा सौदा है, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक विश्वसनीयता और तकनीकी क्षमता का प्रतीक है। यह सौदा दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देगा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति व स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।





